सैदपुर कुर्मियान गांव में अलविदा की नमाज पढ़ने को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। विवाद को सुलझाने भाजपा सांसद अपनी टीम संग पहुंचे। उन्होंने दोनों धर्मों लोगों को समझाकर नई परम्परा न डालने को कहा। उधर, एसओ कमल सिंह यादव ने बताया कि सैदपुर कुर्मियान में कभी अलविदा और ईद की सामूहिक नमाज नहीं होती है। इसलिए नई परम्परा शुरू नहीं होने दी जाएगी।
गांव सैदूपुर कुर्मियान गांव में एक स्थान पर नमाज होती है। लेकिन ईद और जुमा अलविदा की नमाज कभी नहीं हुई। आरोप है कि गांव के नौशे बक्श, रसूल शाह, सादान, आबिद जलील, अल्ताफ हुसैन मस्जिद का निर्माण कराने के मकसद से ईंटें मंगा ली थीं। संतराम, जमुना प्रसाद, कालीचरन, गंगसिंह, इंद्रपाल, राजू, रामसिंह आदि ने इसका विरोध कर दिया। इसे लेकर गांव के दोनों पक्षों में तनाव हो गया। सूचना पर सांसद धर्मेंद्र कश्यप बृहस्पतिवार को गांव गए और दोनों पक्षों से बात की। सांसद संग जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर, पूरन लाल लोधी, राकेश कश्यप, आदेश प्रताप, हीरा लाल, संत राम आदि भाजपा के नेता मौजूद रहे। सांसद ने आश्वासन दिया है कि गांव में किसी भी धर्म की नई परंपरा नहीं शुरू होगी। अलविदा की नमाज में एक वर्ग ने तनाव की आशंका पर पीएससी तैनात करने की मांग की है।