बरेली। महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल सोमवार को महिला अधिकारियों के निरीक्षण में खुला। सीएमएस, डॉक्टर समेत कई स्टाफ अनुपस्थित रहे। इसके अलावा एंट्री गेट पर गार्ड नहीं मिला। अल्ट्रासाउंड के लिए तीन माह बाद तिथि देने, वार्ड सहायक पर अभद्रता का आरोप लगा। निरीक्षण रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह के नेतृत्व में मीरगंज एसडीएम न्यायिक निधि डोडवाल, एएसडीएम सदर मल्लिका नैन, डीपीओ मोनिका राना और सहायक निदेशक मत्स्य गायत्री पांडेय सुबह दस बजे अस्पताल पहुंची। सबसे पहले सीएमएस ऑफिस पहुंचे। पता चला कि सीएमएस त्रिभुवन प्रसाद अवकाश पर थे जिन्हें सोमवार को कार्यालय पहुंचना था पर निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे। फिर ओपीडी पहुंचने पर इलाज के लिए महिलाओं की कतार थी, चार सौ पर्चे बने थे। ड्यूटी रोस्टर के अनुसार गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शमी और डॉ. मिनाक्षी ड्यूटी पर अनुपस्थित मिलीं।
जूनियर डॉक्टर मरीजों को देख रही थीं। नर्सिंग और पैरामेडिकल के कई स्टाफ भी अनुपस्थित थे। हेल्प डेस्क अनुभाग में शिकायत पंजिका पर दर्ज शिकायत निस्तारण की स्थिति स्पष्ट न मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इमरजेंसी एंट्री गेट पर गार्ड, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर नहीं मिली।
अल्ट्रासाउंड कक्ष में नहीं मिला रजिस्टर, अभद्रता का आरोप
अल्ट्रसाउंड कक्ष में मरीज के आवागमन संबंधित वैध रजिस्टर नहीं मिला। पूछताछ पर नोडल डॉ. सीपी सिंह (रेडियोलॉजिस्ट) संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच कराने कतार में खड़ी महिलाओं ने वार्ड सहायक नीलम यादव की अभद्रता का आरोप लगाया। जांच में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए तीन माह बाद की तिथि देने की जानकारी मिली। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
निजी पैथोलॉजी में जांच करा रहीं गर्भवती, इंजेक्शन भी नहीं
पैथोलॉजी कक्ष में जांच कराने आई तरनीम ने पैथोलॉजी में कई जांच नहीं होने की शिकायत की। लिहाजा, निजी लैब में 17 सौ रुपये की जांच कराने की शिकायत की। लैब टेक्नीशियन ने संबंधित जांच पैथोलॉजी में न होने की बात कही। गर्भवती पूनम शुक्ला ने प्रोजेस्ट्रोन के इंजेक्शन अस्पताल में नहीं मिलने की बात कही। बाहर से लगवाने पर पांच सौ रुपये से हजार रुपये लगते हैं।
- महिला अस्पताल की मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेकर हकीकत जानने के लिए औचक निरीक्षण कराया गया। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी