बरेली। विद्युत वितरण खंड प्रथम के हरूनगला बिजली उपकेंद्र पर शुक्रवार को दो घंटे तक हंगामा होता रहा। इस दौरान उपकेंद्र से आपूर्ति भी ठप रही। संविदा लाइनमैन किशनपाल के परिवार वाले पोस्टमार्टम से उनका शव लेकर सीधे बिजली उपकेंद्र पहुंचे। यहां शव रखकर विद्युत निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने के आश्वासन पर परिवार वाले शांत हुए और शव ले गए।
बृहस्पतिवार शाम डोहरा मोड़ के पास बिजली लाइन ठीक करते समय हरूनगला बिजली उपकेंद्र के संविदा लाइनमैन डोहरिया गांव निवासी किशनपाल (35) की करंट लगने के मौत हो गई थी। किशनपाल दूसरे संविदा लाइनमैन रियासत अली के साथ लाइन ठीक करने पहुंचे थे। हादसे में रियासत अली भी बाल-बाल गए थे। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर दो बजे परिवार वाले शव लेकर हरूनगला उपकेंद्र पहुंच गए। उपकेंद्र में शव रख दिया और कार्रवाई न होने तक अंत्येष्टि से इंकार कर दिया। परिवार वाले एसडीओ रविंद्र कुमार, जेई राहुल श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
दो घंटे बाद अधिकारी उपकेंद्र पहुंचे। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ अध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव भी अन्य पदाधिकारियों के साथ पहुंच गए। अधिकारियों ने मृतक लाइनमैन को 7.50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भरोसा दिया। इसके बाद परिवार वाले किशनपाल का शव ले गए, शाम को गांव में अंत्येष्टि कर दी। किशनपाल छह भाईयों में सबसे छोटे थे। उनका दो वर्ष का बेटा है। पत्नी नीतू का रो-रो कर बुरा हाल है।
मृतक संविदा लाइनमैन किशनपाल के भाई चंद्रपाल ने हरूनगला बिजली उपकेंद्र के एसडीओ रविंद्र कुमार, जेई राहुल श्रीवास्तव और एसएसओ अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है। चंद्रपाल का आरोप है कि किशनपाल को 33 केवी की लाइन के पोल पर यह कहकर चढ़ा दिया गया कि शट्डाउन ले लिया गया है, तुम्हारी जान को कोई खतरा नहीं है। वह लाइन पर काम कर रहे थे इसी दौरान करंट लगने से उनकी मौत हो गई। आरोप लगाया कि भाई पर लाइन ठीक करने का दबाव बनाया गया। हालांकि, अभी बिथरी चैनपुर पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। समझौते का प्रयास चल रहा है।