बरेली। खलील तिराहे पर मंगलवार रात को एक धार्मिक आयोजन के फ्लैक्स बोर्ड के नीचे लघुशंका करने का आरोप लगाकर हंगामा किया गया। एक व्यापारी पर दूसरे समुदाय के व्यापारी ने आरोप लगाया तो दोनों पक्ष की भीड़ कोतवाली पहुंच गई। कोतवाल के मुताबिक आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों नशे में थे। जांच में आरोप भी साबित नहीं हुआ। रात ढाई बजे माफीनामा लिखवाकर उन्हें छोड़ दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र निवासी व्यापारी मंगलवार रात दुकान बंद करके तीन दोस्तों के साथ पार्टी करके घर जाने के लिए निकला था। खलील तिराहे के पास उसने सड़क किनारे लघुशंका की। तभी बिरयानी की दुकान पर खड़े दूसरे समुदाय के व्यापारी ने यह कहकर शोर मचा दिया कि धार्मिक आयोजन संबंधी फ्लैक्स के नीचे गंदगी की गई है। हंगामा हुआ तो मौके पर पहुंची पुलिस दोनों को कोतवाली ले आई। उनके पीछे दोनों समुदाय की भीड़ भी कोतवाली पहुंच गई।
कोतवाल डीके शर्मा के मुताबिक फ्लैक्स बोर्ड सड़क के एक ओर बीस फुट ऊंचाई पर लगा है, जबकि लघुशंका सड़क के दूसरी ओर की गई थी। लघुशंका करने वाला और आरोप लगाने वाला, दोनों ही नशे की हालत में थे। रात ढाई बजे दोनों ने माफी मांगते हुए कार्रवाई न करने की बात कहकर समझौता कर लिया। इसके बाद उनको छोड़ दिया गया। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मामला गलतफहमी से जुड़ा था। दोनों ने आपस में समझौता कर लिया।