बरेली। बरेली कॉलेज मेंं बुधवार को हुई परास्नातक की परीक्षा में विद्यार्थियों को 15 मिनट देरी से उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं। तीसरी पाली में कम शिक्षक पहुंचने पर अफरातफरी का माहौल रहा। ऐसे में प्राचार्य को कॉपियों का बंडल उठाना पड़ा, जिसे बाद में शिक्षकों ने ले लिया।
कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नातकोत्तर की परीक्षा 85 कमरों में कराई गई। इसके लिए 160 शिक्षकोंं की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन 100 शिक्षक ही पहुंचे। अनुपस्थित रहने वालों में स्थायी शिक्षक भी शामिल रहे। तीन हजार से अधिक छात्रों की तीसरी पाली में अपराह्न तीन से छह बजे तक परीक्षा कराई जानी थी, लेकिन शिक्षकों की कमी की वजह से कुछ परीक्षार्थियों को 15 मिनट देरी से प्रश्नपत्र मिले।
प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने देरी होते देख कंट्रोल रूम से उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल उठा लिया। इसे देखकर उनके ड्राइवर ने कॉपियां ले ली। इसके बाद शिक्षकों ने कॉपियां लेकर कक्षाओं में बांटी।
प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने देर शाम पत्र जारी किया है। इसमें संबंधित शिक्षकों को उनके अधीन शोध कर रहे शोधार्थियों को कक्ष निरीक्षक के रूप में कार्य करने के लिए निर्देशित करने को कहा है।
कॉलेज में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की परीक्षा कराई जानी थी। शिक्षकों की अनुपस्थिति की वजह से उत्तर पुस्तिकाएं बांटने में थोड़ा विलंब हुआ। - डॉ. बीनम सक्सेना, परीक्षा नियंत्रक, बरेली कॉलेज
चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे ने बताया कि दूसरी पाली में बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी विषय की परीक्षा में एक छात्र नकल करते पकड़ा गया। वह पुराने प्रश्नपत्र पर पेंसिल से नकल लिखकर लाया था। तीसरी पाली में एमए द्वितीय वर्ष गणित की परीक्षा में एक छात्र पन्नों पर उत्तर लिखकर लाया था। एमए राजनीति विज्ञान दूसरे वर्ष का छात्र गेस पेपर के पन्ने लेकर आया था। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने तीनों की कॉपी और नकल सामग्री जब्त कर जानकारी विश्वविद्यालय को दी है।