बरेली। गृहकर बिलों की गड़बड़ियों में सुधार के लिए नगर निगम की ओर से शनिवार को जंक्शन रोड स्थित होटल में ट्रायल कैंप लगाया गया। इसमें दिनभर उपभोक्ताओं का तांता लगा रहा। इस दौरान नो मैच (जिनकी आईडी सॉफ्टवेयर में अपडेट ही नहीं हैं) से पीड़ित उपभोक्ताओं का तांता लगा रहा। 24 घंटे में उनके भवनों के निरीक्षण के बाद बिल जारी किए जाएंगे।
सुबह 10 बजे जैसे ही शिविर का शुभारंभ हुआ, कई क्षेत्रों के उपभोक्ता अपनी परेशानी लेकर पहुंच गए। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी (सीटीओ) के मुताबिक गृहकर की गड़बड़ियों को दूर करने के लिए ये शिवर शहर के सभी 80 वार्डों में लगाए जाएंगे। पहले दिन आयोजित शिविर में नो मैच से पीड़ित सर्वाधिक 70 उपभोक्ता पहुंचे। इनमें से 50 की मौके पर ही आईडी बनाकर मामले का समाधान किया गया।
20 उपभोक्ताओं की आईडी नहीं बन सकी है। उनके भूखंडों का निरीक्षण करने के बाद ही आईडी शुरू हो सकेगी। निगम प्रशासन ने 24 घंटे में उनकी भी आईडी शुरू कराने का दावा किया है। कई अन्य मामलों का भी मौके पर ही निस्तारण कर उसकी सूचना व्हाट्सएप के जरिये उपभोक्ताओं को भेज दी गई है। शिविर में लघु उद्योग भारती का भी सहयोग रहा।
स्वयंकर प्रणाली व आपत्ति के 60 मामलों का समाधान
शिविर में स्वयंकर प्रणाली के तहत शाम चार बजे तक 25 उपभोक्ता फार्म लेकर पहुंचे। उनके बिलों में सुधार कर उसे सॉफ्टवेयर पर भी अपडेट कर दिया गया है। वहीं, आवासीय को व्यावसायिक बताने, अधिक बिल से संबंधित 35 आवेदन आए। सभी का निस्तारण कर नए बिल जारी किए गए। इसके अलावा 80 लोगों ने कैंप में पहुंचकर बिल और नोटिस भी निकलवाए।
डबल डिमांड का नहीं आया कोई भी उपभोक्ता
ट्रायल कैंप में डबल डिमांड का कोई भी उपभोक्ता नहीं पहुंचा। नगर निगम के अधिकारियों की माने तो डबल डिमांड की 15 हजार शिकायतें थी, जिनको पहले ही ठीक किया जा चुका है। अब नगर निगम क्षेत्र में डबल डिमांड की कोई शिकायत नहीं है।
बिल संशोधन हुआ, लेकिन एरिया गलत डाला
कई उपभोक्ताओं की शिकायत रही कि स्वयंकर प्रणाली के फार्म भरने के बाद बिल तो संशोधित होकर आया, लेकिन कंप्यूटर में गलत फीडिंग की वजह से एरिया गलत दर्शा दिया गया है। ऐसे चार उपभोक्ता शिविर में पहुंचे थे। मौके पर ही उनके एरिया को अपडेट कर दिया गया।
ये चुनौतियां आ रहीं सामने
कैंप के लिए मैन पॉवर और कंप्यूटर की व्यवस्था करना नगर निगम के लिए चुनौती है। कैंप में आने वाले उपभोक्ताओं के साथ निरीक्षण के लिए जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी के पदाधिकारियों से कहा गया है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों से कंप्यूटर सिस्टम की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा वार्डों में जगह का चिह्नीकरण और नोडल अधिकारी की व्यवस्था भी करनी होगी।
वर्जन
शिविर में कई उपभोक्ताओं की परेशानी का हल हुआ है। नो मैच की समस्या से निजात के लिए निरीक्षण कर बिल आईडी को अपडेट करना होगा। ऐसे में मैन पॉवर की भी जरूरत पड़ेगी। 15 अगस्त के बाद हर वार्ड में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर कैंप लगाने की तैयारी है। - प्रदीप कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी