बरेली। नैनीताल हाईवे के दस किलोमीटर हिस्से में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। रात में आवागमन के दौरान हादसे का खतरा रहता है। उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमी कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं। हर बार बताया जाता है कि एस्टीमेट यूपी स्टेट हाईवे अथाॅरिटी को भेजा जा चुका है। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर काम शुरू होगा।
बरेली-नैनीताल हाईवे बिल्वा, भोजीपुरा, सेमीखेड़ा, रिछा, गुड़वारा, बहेड़ी बाइपास, मंदानपुर, डांडी अभयचंद और रिछा में आबादी क्षेत्र से गुजरता है। हाईवे से रोज दस हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। रात में तेज रफ्तार वाहन के सामने अचानक कोई जानवर आ जाए तो स्ट्रीट लाइटें नहीं होने की वजह से वह दूर से नहीं दिखता। ऐसे में हादसे का खतरा होता है। 23 जनवरी को आयोजित जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से नदीम अहमद ने यह मुद्दा उठाया था।
नदीम के मुताबिक, रिछा में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। रेलवे क्रॉसिंग से रिछा स्टेशन तक स्ट्रीट लाइटें लगाने का आग्रह हाईवे की जिम्मेदारी संभाल रही निजी फर्म पीएनसी से किया गया था। बदले में सिर्फ आश्वासन ही मिला। वहीं, पीएनसी के स्थानीय अधिकारी ने जिला उद्योग बंधु समिति को भेजे लिखित जवाब में स्टेट हाईवे अथाॅरिटी को एस्टीमेट भेजे जाने की जानकारी दी है। इस पर सीडीओ ने पीएनसी के अधिकारियों से कहा कि वे अथाॅरिटी से बात कर एस्टीमेट के अनुरूप टेंडर प्रक्रिया शुरू कराएं, ताकि अंधेरा दूर हो सके।
यहां नहीं लगी हैं लाइटेंबिल्वा में 729, भोजपुरा में 1,466, सेमीखेड़ा में 1,500, रिछा में 760, गुड़वारा में 390, बहेड़ी बाइपास क्षेत्र में 4,840, मंदानपुर में 366, डांडी अभयचंद में 600 मीटर हिस्से में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं।
बहेड़ी बाइपास पर अंधेरा... पालिका भी पीछे हटी
बहेड़ी। बहेड़ी में बाइपास पर लाइटें लगाई जानी थीं। नगर पालिका परिषद बहेड़ी ने छह महीने पहले इसकी तैयारी की थी, लेकिन बाद में पीछे हट गई। अब स्टेट हाईवे अथारिटी पर ही लाइटें लगाने का दारोमदार है। संवाद