समस्या को जितना टालते जाएंगे, वह उतनी ही बढ़ती जाएगी इसलिए उससे दूर न भागें बल्कि सामना करें। आपके साथ कोई भी अपराध होता है तो सबसे पहले माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों को बताएं। उन्हें नहीं बता सकते तो शिक्षकों या प्रिंसिपल को बताएं। गलती भी हो जाए तो भी बताने से परहेज न करें। गलती इंसान से ही होती है लेकिन उससे आगे बचने के लिए उसे स्वीकार करने में भी कोई बुराई नहीं है। माता-पिता दो-चार दिन नाराज रहेंगे लेकिन बाद में आपका साथ देंगे और सही रास्ता बताएंगे। इस तरह आप अपराध के खिलाफ खड़े होकर आने वाली मुसीबतों से बच सकते हैं।
यह बातें एसपी सिटी समीर सौरभ ने बुधवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित अमर उजाला की पुलिस की पाठशाला में रामभरोसे लाल गर्ल्स इंटर कालेज की छात्राओं को समझाईं। एसपी सिटी ने कहा कि पुलिस वेलफेयर के लिए है। अगर पुलिस आपको हेलमेट पहनने के लिए बाध्य करती है तो इसमें पुलिस का कोई लाभ नहीं, आपका ही लाभ है। पुलिस को लोगों की सुरक्षा, उनकी जानमाल और धन की सुरक्षा के लिए बनाया गया है इसलिए उसके प्रति नकारात्मक रवैये को बदलना चाहिए। कुछ अपवाद हो सकते हैं लेकिन इनके खिलाफ आवाज उठाने से भी परहेज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस आपकी मदद करने के लिए तत्पर है लेकिन उसको सूचना जरूर दें।
जागरूक रहें लड़कियां
पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वितीय स्नेहलता ने छात्राओं को सदैव जागरूक रहने की सलाह दी। कहा कि आज के हालात में लड़कियों के प्रति अपराध बढ़े हैं। मोबाइल ने अपराधों में और इजाफा कर दिया है। क्लिपिंग बनाने के कई मामले सामने आते रहते हैं इसलिए लड़कियों को जागरूक और सतर्क रहना जरूरी है। अगर हम जागरूक हैं तो कुछ भी नहीं हो सकता है। किसी पर भी आंख मूंद कर भरोसा नहीं करें। माता-पिता के विश्वास में रहें। उनसे कुछ न छुपाएं। महिला थाना की प्रभारी विजय सिरोही ने भी सुरक्षा के टिप्स दिए। प्रिंसिपल ऊषा किरण यादव ने अतिथियों का स्वागत किया।
पुलिस दिलाएगी जूडो-कराटे की ट्रेनिंग
एसपी सिटी समीर सौरभ ने कहा कि पुलिस शहर के गर्ल्स स्कूल की छात्राओं को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण देने की योजना बना रही है ताकि वे सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर हो सकें। पहले चरण में कई कालेजों की छात्राओं को महिला प्रशिक्षकों ने नि:शुल्क ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
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ये भी दिए टिप्स
0 अगर थाना और चौकी पुलिस न सुने तो एसएसपी, डीआईजी, आईजी के मोबाइल नंबरों पर कॉल करें। मैसेज भेज दें और मिलने से भी परहेज न करें। ऐसा न सोचें कि पुलिस बात नहीं सुनेगी।
0 जब भी घर से निकलें अपने साथ मिर्ची स्प्रे जरूर रखें ताकि किसी अप्रिय स्थिति में सामने वाले की आंखों में उसके इस्तेमाल से अपना बचाव किया जा सके। इसके बाद पुलिस को सूचित करें।
0 मोबाइल पर बातचीत करने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतें।
0 सौ नंबर पर कोई भी शिकायत दर्ज कराकर आप अपना नंबर और नाम गोपनीय भी रखने को कह सकते हैं।
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स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में फर्क समझें
इस दौरान सवाल जवाब भी हुए। एक छात्रा ने पूछा कि समाज लड़कों को छूट देता है जबकि लड़कियों पर बंदिश लगाई जाती है। यह फर्क क्यों है? एसपी सिटी ने जवाब में कहा कि आज दौर बदल रहा है लड़कियां हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं इसलिए सोच बदल रही है। लड़के-लड़कियों के बीच भेदभाव को दूर करने के लिए लड़कियों को आगे आकर खुद को साबित करना होगा। बहुत सारी लड़कियां ऐसा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता ठीक है लेकिन स्वच्छंदता उचित नहीं इसलिए माता-पिता डरते हैं, लड़कियों को स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में फर्क समझना होगा फिर समस्या नहीं रहेगी। एक छात्रा ने कहा कि वह कोचिंग पढ़ने जाती है तो देखती है कि पुलिस की वर्दी में तीन लोग बाइक पर जाते हैं। पुलिस वाले नियम-कायदों की खुलेआम धज्जियां क्यों उड़ाते हैं। एसपी सिटी ने माना कि पुलिस में भी सौ फीसदी लोग एक से नहीं हैं। वह पुलिस कर्मियों को नियमों के पालन के लिए कहेंगे ताकि उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल न उठाए जा सकें।