ऊर्जा मंत्री के बार-बार सख्त निर्देशों के बावजूद नहीं सुधर रहे हालात, बिलिंग एजेंसी के आगे अफसर भी बेबस
बरेली। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के उपभोक्ताओं को बिजली के सही और समय पर बिल जारी किए जाने के बार-बार सख्त निर्देश के बावजूद खुद उनके प्रभार वाले जिले में हालात सुधरने में नहीं आ रहे हैं। बिलिंग एजेंसी ने जून में एक बार फिर शहरी क्षेत्र में 1529 उपभोक्ताओं को गलत बिल जारी कर दिए गए। बिजली बिलों की समीक्षा के दौरान यह आंकड़ा सामने आने के बाद अब अधिकारी बिलिंग एजेंसी पर कारवाई की तैयारी कर रहे हैं।
बिजली के बिलों में गड़बड़ी पर ऊर्जा मंत्री कई बार सख्त नाराजगी जता चुके हैं। हाल ही में बरेली दौरे के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि हर हालत में उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल जारी किए जाएं लेकिन ऊर्जा मंत्री के लौटते ही बिलिंग कंपनी के मीटर रीडरों ने डेढ़ हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के गलत बिल बना दिए। पावर कॉरपोरेशन के अधीक्षण अभियंता के मुताबिक लगातार चेतावनी और कार्रवाई के बाद भी बिलिंग कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा। जनवरी और फरवरी में जोन में बिलिंग एजेंसी का करीब 35 लाख रुपये का भुगतान रोका गया था लेकिन फिर भी गलत बिल जारी किए जा रहे हैं।
मीटर रीडरों का पुराना खेल चक्कर काट रहे उपभोक्ता
बिल बनाने में गड़बड़ी का खेल बरेली में पुराना हो चुका है। विभागीय अधिकारी भी मानते हैं कि मीटर रीडर घर बैठे बिजली बिल बना देते हैं जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है और बिल जमा करने के दौरान बेवजह दौड़भाग करनी पड़ती है। निगम की ओर से जारी किए आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्र में सभी डिविजन में गलत बिल बनाए गए हैं। वितरण खंड तृतीय का हाल सबसे बुरा है जहां आईडीएफ श्रेणी में 204 और आरडीएफ श्रेणी में 378 उपभोक्ताओं के बिल बनाए गए हैं। सीडएफ, आईडीएफ, एन, एनआर श्रेणी में बिल बनने के बाद उपभोक्ता उसे ठीक कराने के लिए एसडीओ और एक्सईएन दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों को भी अलग माथापच्ची करनी पड़ रही है। इस पर कई बार एक्सईएन भी उच्चाधिकारियों के सामने असंतोष जता चुके हैं।
चीफ इंजीनियर को दिया था नोटिस पर फिर हालात वही
गलत बिलिंग की वजह से ही हाल ही में ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंता को नोटिस जारी किया गया था। उन्हें बिलिंग व्यवस्था सुधार करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके बाद कुछ समय तक तो अधिकारियों ने बिलिंग एजेंसी पर सख्ती की, इस दौरान बिल भी सही बने लेकिन अब फिर पहले जैसे हालात होने लगे हैं। गर्मी में कटौती से जूझ रहे उपभोक्ता गलत बिलों की वजह से भी परेशान हैं।
मनमानी : प्रोब बिलिंग भी नहीं कर रहे मीटर रीडर
गलत बिजली बिल जारी होने से रोकने के लिए कुछ समय पहले प्रोब आधारित बिलिंग व्यवस्था शुरू की गई थी। इसमें एक प्रोब केबिल के जरिए मीटर रीडर अपनी हैंड हेल्ड मशीन से मीटर को कनेक्ट करके बिल निकालते हैं। इस प्रकिया में गलत बिल बनने की आशंका नहीं रहती लेकिन ज्यादातर जगहों पर प्रोब आधारित बिलिंग नहीं हो रही। देहात क्षेत्र में दो तिहाई मीटर पर प्रोब केबिल से बिल नहीं बनाए जा रहे। प्रोब बिलिंग में रियल टाइम बिलिंग होती है। बिना मौके पर जाए मीटर रीडर बिल बना ही नहीं सकता। इस वजह से ज्यादातर मीटर रीडर प्रोब बिलिंग से बचते हैं।
भुगतान में कटौती के बाद भी एजेंसी के काम में सुधार नहीं हुआ है। एजेंसी के मुख्य प्रबंधक को मीटर रीडरों की कार्यप्रणाली के बारे में लिखा जाएगा। गलत बिल बनाने वाले मीटर रीडरों पर एक्शन भी लिया जाएगा। बिजली बिल की क्वांटिटी के साथ क्वालिटी में सुधार एजेंसी की जिम्मेदारी है। वह इससे बच नहीं सकते। - तारिक जलील, अधीक्षण अभियंता