नोटबंदी से एक दिन पहले सैकड़ों प्रतिष्ठान और फर्मों का कारोबार अचानक चार पांच गुना से ज्यादा बढ़ गया है। इसका खुलासा आयकर विभाग द्वारा की गयी छानबीन में हुआ। विभाग ने अब इन पर शिकंजा कसते हुए पुराने बहीखाते तलब किए जा रहे हैं। इससे कारोबारियों ने हड़कंप मचा हुआ है।
आठ नवंबर रात आठ बजे से सभी इलेक्ट्रानिक और अन्य माध्यमों से नोटबंदी घोषणा हुई थी। इसके बाद हजारों कारोबारियों ने नौ और दस नवंबर में सराफ और अन्य बाजारों में अप्रत्याशित कारोबार हुआ। वित्त मंत्रालय और आरबीआई ने पेट्रोल पंप, सार्वजनिक परिवहन, बिजली और टैक्स बिल आदि में 1000 और 500 नोट मान्य कर दिए थे लेकिन सराफा बाजार में सोना 45 हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक बिका। हजारों लोगों ने काला धन इसमें खपा दिया।
आयकर विभाग ने पिछले दिनों नोटबंदी के दौरान चालू और सामान्य खातों में एक करोड़ रुपये ज्यादा रकम करने वालों को नोटिस दिए थे, तमाम कारोबारियों ने जवाब दिए हैं उससे विभागीय जांच टीम संतुष्ट नहीं है। इसलिए विभाग ने संबंधित करीब दो सौ से ज्यादा लोगों ने कहा कि वे एक साल पुराने बहीखाता और फर्म आदि कारोबार प्रस्तुत करें। इस कदम से नोट बदली में शामिल कारोबारियों में खलबली मची है।