बरेली की किला मंडी में दुकानदारों को सामाजिक दूरी की पालन करने के लिए कहते एसएसपी।
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लॉकडाउन लागू होते ही मुनाफाखोरों ने बढ़ा दिए थे दाम
बरेली। जनता कर्फ्यू लगते ही रात में ही उपभोक्ता खरीदारी करने के लिए बाजारों में दौड़ने लगे थे। यह सिलसिला कई दिनों तक चला। लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने लगे तो जमाखोरों ने कालाबाजारी शुरू कर दी थी। नमक हो या मिर्च या फिर आटा सभी आवश्यक वस्तुओं पर मनमाने ढंग से कीमतें बढ़ा दीं, लेकिन अब मांग में कमी आते ही दाल, तेल, सब्जी आदि की कीमतें पांच से दस रुपये प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गई हैं। हालांकि आटा कारोबार में अभी मनमानी हो रही है।
करीब एक माह तक बाजार में मनमानी कीमतें वसूलने का दौर बना रहा। कुछ दालों ने शतक लगा दिया था लेकिन अब स्थिति काफी सामान्य हो गई है। दालें पांच रुपये प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गई हैं, जबकि मूंग दाल अभी भी सौ के पार चल रही है। अरहर दाल में भी गिरावट आई है। खाद्य तेलों में दस रुपये तक की मंदी आई है। कारोबारियों ने बताया कि बाजार में अनावश्यक मांग थी, इससे दामों में उछाल आया था। अब तीन-चार दिनों से स्थिति काफी बदली है। श्यामगंज थोक बाजार में सख्ती के चलते दालों की कीमतों में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि बड़े स्टाकिस्टों ने ही दाम ज्यादा कर दिए थे, इसलिए थोक बाजार में भी उछाल आ गया था। इसका असर रिटेल तक पहुंचा, लेकिन अब मांग में काफी कमी आने से दालें भी पांच से सात रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई हैं।
आटा बाजार में मनमानी
आटा बाजार में कारोबारी प्रशासन को धता बताकर मनमानी कर रहे हैं। आटा (मिल) थोक बाजार में 18-19 रुपये किलो है जो रिटेल में 25 रुपये बेचा जा रहा है। नए गेहूं का आटा (चक्की) भी बाजार में आने लगा है, इसकी कीमत थोक बाजार में 22 रुपये तक है जो रिटेल बाजार में दुकानदार 28-30 रुपये तक बेच रहे हैं। पुराना गेहूं आटा थोक 22-24 रुपये किलो है यह 30 से 32 रुपये किलो बिक रहा है।
आटा 42 रुपये किलो तक
मॉडल टाउन के सामने एक किराना दुकान पर आटा 42 रुपये किलो बेचा जा रहा है। दुकानदार ने पूछने पर बताया कि सरबती गेहूं 40 रुपये और उसका आटा 42 रुपये किलो है। गेहूं पिसाई सिर्फ दो रुपये किलो होने पर दुकानदार कोई सही जवाब नहीं दे पाया। राजेंद्रनगर पॉश कालोनी स्थित गुप्ता चौराहा पर एक किराना दुकान पर सामान्य आटा 40 रुपये बिक रहा है। इस दुकान पर प्रतिबंधित गुटका, पान मसाला और सिगरेट कई गुुना ज्यादा दरों पर बिक रही हैं। एक कंपनी का मसाला 50 की जगह 85 रुपये प्रति पाउच बेचा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासन से भी की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
श्यामगंज बाजार में ग्राहकों की कमी है, जबकि दुकानों पर माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अब बड़े स्टाकिस्ट मनमानी नहीं कर रहे हैं। इससे दालोें की कीमतों मेें गिरावट आई है। इसका फायदा उपभोक्ता मिल रहा है। - राजेश अग्रवाल, थोक कारोबारी
सिर्फ मूंग दाल 100-105 रुपये प्रति किलोग्राम है। बाकी दालें 80 रुपये से नीचे हैं। अरहर, मसूर और चना दाल के दाम दस रुपये तक नीचे आ गए हैं। लॉकडाउन में लोगों ने ज्यादा खरीद कर ली थी इसलिए अब मांग कम हो गई है। - राज खंडेलवाल, दाल व्यापारी