नवाबगंज। रिछोला किफायतुल्ला गांव के एक युवक ने बीमारी से तंग आकर मंगलवार को आत्मघाती कदम उठाते हुए ब्लेड से अपना पेट फाड़कर जान देने की कोशिश की। युवक को गंभीर हालत में पुलिस ने उसे सीएचसी पर भर्ती कराया, जहां से उसे चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रिछोला गांव के स्व. करामुद्दीन के चार बेटे हैं, जिनमें बड़ा पुत्र मुख्तियार अहमद, शहाबुद्दीन और रियासत दिल्ली में रहकर कबाड़ एकत्रित करने का कार्य करते हैं। दो सप्ताह पहले ही तीसरे नंबर का पुत्र रियासत दिल्ली से अपने घर रिछोला किफायतुल्ला आया था। घर पर उसकी मां बत्तूलन और छोटा भाई रईस अहमद रहता है। बेटे रईस अहमद ने बताया कि वह रात में खाना खाकर सोने चला गया। सोमवार सुबह उसने ब्लेड लेकर अपना पेट फाड़ लिया। हालांकि उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। संवाद
पांच वर्षों से रहता था दिल्ली में
पांच साल पहले युवक का उसकी पत्नी से तलाक हो गया था, तब से वह दिल्ली अपने भाइयों के साथ रहकर कबाड़े एकत्र करने का कार्य कर रहा था। वह पिछले कई माह से बीमार चल रहा है। माना जा रहा है कि उसने अपनी बीमारी से तंग आकर ही अपनी जान लेने की कोशिश की है।