बरेली। गन्ना विभाग की 101 सड़कों की मरम्मत के लिए बजट का इंतजार करते-करते पूरा साल बीत गया। एस्टीमेट बनने के बाद भी मंजूरी टलती रही। 28 मार्च को अचानक इनकी वित्तीय स्वीकृति जारी हुई। अब अगले वित्तीय वर्ष में ही इनका निर्माण हो सकेगा। हालांकि, स्वीकृति की प्रत्याशा में लोक निर्माण विभाग ने अधिकतर सड़कों के लिए टेंडर पहले ही निकाल दिए थे। इसलिए इस वित्तीय वर्ष के शेष दिनों में कुछ रुपये खर्च करने के बाद अवशेष राशि सरेंडर की जाएगी।
शासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने अगस्त से अक्तूबर के बीच गन्ना विभाग की 101 सड़कों के लिए एस्टीमेट तैयार किए थे। शासन की मंजूरी मिलने से इन सड़कों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इनके निर्माण पर 38.43 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें करीब दस करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। आवंटित राशि को सरेंडर करने की स्थिति है। मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत में जो काम स्वीकृत हुए हैं, उनको अगले वित्तीय वर्ष में कराया जाएगा।
कोषागार पहुंचते रहे बिल
बरेली। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सोमवार को सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों और बैंकों में देर रात तक कामकाज जारी रहा। अफसर और कर्मचारी फाइलें, बिल आदि भुगतान संबंधी दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुटे रहे। मुख्य कोषाधिकारी शैलेश सिंह के मुताबिक, ज्यादातर भुगतान 25 मार्च तक हो गए थे। पुलिस विभाग के मामले आखिरी दिन ज्यादा रहे। इसमें कुंभ स्नान के दौरान ड्यूटी से संबंधित प्रकरण शामिल रहे। नियमानुसार भुगतान कराया गया। ब्यूरो
रजिस्ट्री ऑफिस में 58 लाख रुपये जमा हुआ राजस्व
बरेली। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री कराने वालों की कतार रही। एआईजी स्टांप तेज सिंह यादव के मुताबिक बरेली सदर के दो निबंधन कार्यालयों समेत पांच अन्य तहसीलों में करीब सवा सौ बैनामे हुए। इससे करीब 58 लाख रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष 31 मार्च तक प्राप्त राजस्व का आकलन कर जल्द रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। ब्यूरो