बरेली। 13 अप्रैल की रात में सूर्य देव बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर मंगल ग्रह की मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। 14 अप्रैल से नौ जून तक विवाह के 30 शुभ मुहूर्त हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि सात मार्च को होलाष्टक लगे थे। 14 मार्च को सूर्य देव ने मीन राशि में प्रवेश किया था, इसके साथ ही खरमास शुरू हो गए थे। होलाष्टक और खरमास के चलते मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया था।
अब 13 अप्रैल से मांगलिक कार्यों की फिर से शुरूआत हो जाएगी। 14 अप्रैल से नौ जून तक विवाह महोत्सव सहित अन्य मांगलिक कार्यों की खूब धूम रहेगी। इस अवधि में मांगलिक कार्य, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, भूमि-भवन, वाहन, मूर्ति प्रतिष्ठा नवीन कार्य आदि के अनेक शुभ मुहूर्त रहेंगे।
हरिशयनी एकादशी से चार माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य
धर्म शास्त्रों में गुरु अस्त होने के दौरान मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इस वर्ष छह जुलाई को हरिशयनी एकादशी से देवता चातुर्मास विश्राम करेंगे। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस चातुर्मास की अवधि में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। देवोत्थान एकादशी दो नवंबर को है, यहीं से आगे विवाह मुहूर्त का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। संवाद
यह हैं शादियों के शुभ मुहूर्त
अप्रैल - 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29, 30
मई - 1, 5, 6, 8, 10, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27, 28
जून - 2, 4, 5, 7, 8, 9