बरेली। नगर निगम के वार्ड 37 नंदौसी में पांच साल पहले 11 करोड़ की लागत से पानी की टंकी बनाकर खड़ी कर दी, लेकिन लोगों को आज तक इसका लाभ नहीं मिल सका। भीषण गर्मी में सूखी टंकी व्यवस्था की हकीकत बयां कर रही है। बताया जा रहा है कि अब तक टंकी का कनेक्शन मेन लाइन से नहीं हुआ है। ये समस्याएं अमर उजाला की ओर से रविवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने साझा कीं।
करीब 38 हजार की आबादी वाले वार्ड में नंदोसी के साथ ही पचा गौटिया, बंजरिया, गोकुलपुर, खड़ऊआ, गरगईया, नरेश कॉलोनी, पिंक सिटी, फ्रेंड्स कॉलोनी शामिल हैं। योगेश पाठक ने बताया कि वार्ड की कई सड़कें अरसे से बदहाल हैं। कई बार पार्षद से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
अशोक प्रजापति ने बताया कि वार्ड में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। परसाखेड़ा को जो टंकी बनी है, उससे गांव में कोई कनेक्शन नहीं है। नंदोसी में बनी टंकी का लाभ भी जनता को नहीं मिल पा रहा है। डोर-टू-डोर कूडा कलेक्शन के लिए गाड़ियां नियमित नहीं आ रही हैं। सफाई कर्मचारी भी नियमित नहीं आते। महीने भर के एक-दो बार ही नालियों की सफाई होती है। कुछ दिन पहले नहर में गिरकर एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है, लेकिन न तो सिंचाई विभाग ने संज्ञान लिया, न ही नगर निगम ने।
अशोक के मुताबिक, लोगों ने सड़का किनारे जगह-जगह अतिक्रमण कर लिया है। नंदाैसी वार्ड में ही एबीसी सेंटर बना है, लेकिन मोहल्ले में कुत्तों का आतंक है। गांव के आसपास निराश्रित गोवंशीय पशुओं ने किसानों को परेशान कर रखा है। आए दिन वे किसानों की फसल को बर्बाद कर देते हैं। सांड़ों के हमले से कई लोग घायल भी हो चुके हैं। निगम का कान्हा उपवन भी वहीं बना है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार उपवन से ही जानवरों को छोड़ दिया जाता है। गांव के लोग कई बार निगम में इसकी शिकायत कर चुके हैं, पर समाधान नहीं हो सका।
रामभरोसे ने बताया कि पचा गौटिया गांव में निगम का तालाब है, लेकिन लोगों ने कूड़ा डालकर उसे पाट दिया है। इससे आसपास के खेत वाले किसानों को नुकसान हो रहा है। लोगों का कहना है कि तालाब की साफ-सफाई कराई जाए और वहां कूड़ा फेंकने पर रोक लगाई जाए। संवाद के दौरान छोटे लाल प्रजापति, संग्राम सिंह, योगेश पाठक आदि मौजूद रहे।
स्थानीय निवासियों ने गिनाईं समस्याएं
वार्ड में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। अगर निगम की ओर से गांव में पाइप लाइन डलवा दी जाए तो पानी आना शुरू हो जाएगा। - हरीश प्रजापति
वार्ड के सफाई कर्मचारियों की संख्या में बहुत कम है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी नियमित रूप से नहीं पहुंच रही है। - राजेंद्र गंगवार
वार्ड में कुत्तों का आतंक है। बेसहारा जानवर भी बहुत परेशान करते हैं। किसानों को रात में जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। - संतोष वर्मा
पार्षद का दावा, पांच करोड़ से कराया विकास
कार्यकाल के दौरान वार्ड में करीब पांच करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं, जबकि करीब छह करोड़ के काम प्रस्तावित हैं और कुछ चल भी रहे हैं। टंकी के लिए निगम को पत्र लिखकर उसे पाइप लाइन से जाेड़ने के लिए कहा गया है। - अंजुल, पार्षद