र्व विधायक ने कहा कि सुरेश प्रधान स्थानीय और असरदार है तो उसकी मदद क्यों न की जाए। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय बनाम बाहरी मुद्दे पर नेताओं का रुख नरम पड़ा और सुरेश को बरेली लाया गया। सुरेश के आने से पहले तमाम सजातीय नेता अस्पताल पहुंच गए थे कि कहीं पुलिस वादाखिलाफी न कर दे। मामला मीडिया की जानकारी में आने के बाद ही वे वहां से हटे।
इसी अस्पताल में आने को की थी कॉल
घटना के बाद सुरेश प्रधान को इसी अस्पताल में भर्ती कराने लाया जा रहा था, जहां वह अब भर्ती हुआ है। घायल प्रधान को उसके गुर्गे पहले स्टीमर से रायहंसपुर लाए थे। वहां से कार में लिटाने के बाद अस्पताल प्रशासन से जुड़े शख्स को कॉल कर घायल को भर्ती कराने की बात बताई। अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरी तैयारी भी स्टाफ ने कर ली।
इस बीच मास्टमाइंड प्रधान ने प्लान बदल दिया। उसे लग रहा था कि बरेली में भर्ती होते ही पुलिस अगले दिन जेल भेज देगी। इसलिए उसने मुरादाबाद के अस्पताल में जाने का फैसला लिया। वहां उसके सिर में टांके लगाए गए। हाथ में फ्रैक्चर था, जिस पर एक्सरे के बाद प्लास्टर चढ़ाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद प्रधान पक्ष ने बरेली कूच कर दिया।