बहेड़ी। पंतनगर के प्रभागीय वन अधिकारी तराई पूर्वी हिमांशु बागरी के निर्देशन में आई वन विभाग की टीम ने नगर के धोबी तालाब रोड के पास बने गोदाम से करीब 25 घनमीटर (200 क्विंटल से अधिक) खैर की लकड़ी बरामद की। टीम को देखकर गोदाम का मालिक भाग गया। बरामद लकड़ी को तीन पिकअप और एक ट्रक में लादकर तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज परिसर में रखवा दिया गया है।
गौला बैराज से लेकर खटीमा तक फैले जंगल से कीमती खैर की लकड़ी को चोरी-छिपे काटकर बहेड़ी लाकर बेचने का काम लंबे समय से चल रहा है। उत्तराखंड के वन विभाग की टीम ने दो लोगों को दो दिन पूर्व लकड़ी चुराते हुए पकड़ा था।
उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर टीम नगर पहुंची। धोबी तालाब रोड के किनारे मौजूद गोदाम पर छापा मारा गया तो लकड़ी बरामद हुई। टीम के मुताबिक, यह लकड़ी उत्तराखंड के जंगलों से चोरी-छिपे काटने के बाद यहां लाई गई थी।
टीम में एसडीओ गौला रेंज अनिल जोशी, सितारगंज रेंज सावित्री, सीओ रनसाली रेंज महेंद्र रेकुनी, गौला रेंज चंदन अधिकारी, बाराकोली रेंज कैलाश गुणवंत व डॉली रेंज नवीन पवार और सीओ एसओजी नवीन रेकवाल सहित तराई पूर्वी वन प्रभाग के लगभग 50 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
आरोप-जानबूझकर कार्रवाई नहीं करते अफसर
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि जंगल से रात के समय जितनी भी लकड़ी आती है, उसकी स्थानीय अफसरों को पूरी जानकारी रहती है। नदेली रोड, उत्तम नगर लिंक रोड से यह सारी लकड़ी आती है। इन मार्गों पर रात्रि गश्त की भी व्यवस्था है, मगर जिम्मेदार जानबूझकर कार्रवाई नहीं करते। बताया जा रहा है कि शनिवार को सूचना देने के बाद भी स्थानीय अधिकारी कार्रवाई होने तक मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं, वन विभाग के बहेड़ी एसडीओ एसएस चौहान ने बताया कि उत्तराखंड से टीम आने व लकड़ी बरामद करने की मुझे जानकारी नहीं है। लोग जो आरोप लगा रहे हैं, उस बारे में भी मुझे कुछ नहीं पता।
वर्जन :
उत्तराखंड के जंगलों से काटी गई लकड़ी यहां छुपाई गई थी। इसे बरामद कर लिया गया है। गोदाम मालिक और लकड़ी चोरी से काटने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - अनिल जोशी, एसडीओ, गौला बैराज