परिवार वाले हफ्ते भर से कर रहे थे तलाश, 25 हजार रुपये हो गए ठहरने-खाने में खर्च
बरेली। मोबाइल फोन पर इंडियन आइडल कार्यक्रम देखकर हाईस्कूल की छात्रा को गायिका बनने की धुन सवार हो गई। फिर वह घर में रखे 25 हजार रुपये लेकर चुपचाप मुंबई पहुंच गई। वहां तक पहुंचने, होटल में ठहरने और खाने-पीने में यह रकम खर्च हो गई। इसके बाद रेलवे स्टेशन पर अकेला घूमता देखकर एक महिला अपने घर ले गई और समझाने के बाद उसकी मां को सूचना दी। शुक्रवार को मां उसे मुंबई से वापस ले आईं। हफ्ते भर में ही उसके समझ में आ गया कि पहले यहीं रहकर यह हुनर सीखना है, तब मुंबई जाकर सपने पूरे हो सकते हैं।
सुभाषनगर इलाके के गणेशनगर में रहने हाईस्कूल की 17 वर्षीय छात्रा वर्षा छह फरवरी को घर से लापता हो गई थी। उसकी मां ने थाना सुभाषनगर में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंगलवार को छात्रा की मां के पास मुंबई से ममता जोशी नाम की महिला ने फोन किया और बताया कि वर्षा उनके पास है। यह बताने पर मां मुंबई पहुंचीं और वर्षा को साथ लेकर शुक्रवार को वापस आईं। शनिवार को बेटी को लेकर वह थाना सुभाषनगर पहुंचीं। पूछताछ में वर्षा ने पुलिस को बताया कि मोबाइल फोन पर इंडियन आइडल कार्यक्रम देखकर उसने भी गायिका बनने का मन बना लिया। इसलिए छह फरवरी को घर से चुपचाप मुंबई के लिए निकल गई। तिजोरी में रखे मां के और अपने पास जुटाए करीब 25 हजार रुपये भी ले गई। बरेली से जीप से बदायूं तक पहुंची और फिर वहां से बस से दिल्ली गई। दिल्ली से ट्रेन में रिजर्वेशन कराया और मुंबई पहुंच गई। रात होने पर होटल में रुकी और अगले पूरे दिन घूमती रही। एक मंदिर में भी दर्शन किए। उसे गायिका बनने के लिए तो कोई सहारा नहीं मिला, मगर स्टेशन पर अकेले घूमने के दौरान ममता जोशी मिल गईं तो उनसे रहने का ठिकाना मांगा। ममता ने वर्षा को प्यार से समझाया कि ऐसे बड़े सपने देखना बेकार है, पहले वह घर पर ही इसकी शुरुआत करे। समझाने के बाद ममता जोशी ने उसकी मां का नंबर लेकर फोन करके उन्हें सूचना दे दी। इसके बाद मां वहां जाकर उसे वापस ले आईं। पुलिस ने बयान के बाद छात्रा को उसकी मां को सौंप दिया। वर्षा का कहना है कि वह अपने सपने को जरूर पूरा करेगी, मगर इसके लिए वह यहीं रहकर पहले संगीत का यह हुनर सीखेगी। उसने माना कि एकदम मुंबई जाने का कदम गलत था।
आधार में हेराफेरी करके खरीदा सिम
छात्रा ने बताया कि घर से निकलने के बाद रास्ते में उसका फोन खो गया। तब उसने साढ़े सात हजार रुपये का नया फोन खरीदा। सिम लेने पहुंची तो आधार कार्ड में उम्र 17 दर्ज होना निकला। यह देखकर दुकानदार ने सिम देने से मना कर दिया। फिर उसने आधार कार्ड में उम्र में हेराफेरी करके सिम खरीदा। इसके अलावा घूमने और खाने में पूरे 25 हजार रुपये खर्च कर दिए।
बच्ची मोबाइल पर इंडियन आइडल देखकर गायिका बनने के लिए मुंबई चली गई थी। वहां से एक महिला की सूचना पर मां उसे वापस ले आई हैं। छात्रा ने बताया है कि वह अपनी मर्जी से गई थी। - सुनील कुमार, इंस्पेक्टर सुभाषनगर
जिन बच्चों के अंदर कोई हुनर है तो उसे बलपूर्वक दबाने के बजाय अभिभावकों को उसे प्यार से समझाना चाहिए। फिर भी बच्चा उससे नहीं उबर पा रहा है तो उसकी काउंसलिंग कराना चाहिए। - डॉ. अमित यादव, काउंसलर मनोदर्पण
संगीत में शौक के साथ रियाज भी जरूर है सफल होने के लिए
बगैर गुरू और परिवार के सहयोग से प्रतिभा को मुकाम तक पहुंचाना बेहद कठिन है। बगैर रियाज के संगीत, वाद्ययंत्र आदि में रुचि है तो वह किसी प्रतियोगिता में सफल होगा, उनकी यह सोच बदलनी होगी। अगर किसी को इस क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो वह संगीत अकादमी, संगीत संस्थान या कॉलेज के संगीत विभाग में संपर्क करें। - डॉ. जयश्री, विभागाध्यक्ष, संगीत विभाग, बरेली कॉलेज