The train leaves the spark came from Lucknow to Bareilly
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सियालदह एक्सप्रेस रविवार को लखनऊ से बरेली तक पटरी पर चिनगारी उड़ाती पहुंची। यात्रियों की वजह से कानपुर के पुखरायां जैसा हादसा होने से बच गया। यात्रियों ने बरेली जंक्शन पर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन के कोच एस-8 हिलने और पटरी से चिनगारी उठने से गुस्साए यात्रियों ने प्लेटफार्म नंबर दो पर ट्रेन रोककर हंगामा किया। यात्री उप स्टेशन अधीक्षक की मेज तक पहुंच गए। ट्रेन दो घंटे तक जंक्शन पर खड़ी रही।
सूचना मिलने पर आरपीएफ और जीआरपी के अलावा रेलवे की तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंची और कोच चेक करने के बाद मेमो पर ओके लिखकर दिया। इसके बाद रेलवे के तकनीकी स्टाफ और आरपीएफ के साथ ट्रेन को मुरादाबाद रवाना किया गया।
लखनऊ से बाया शाहजहांपुर होते हुए सियालदह एक्सप्रेस रविवार शाम 6.10 बजे बरेली जंक्शन पर पहुंची तो ट्रेन का कोच एस-8 हिलडुल रहा था। पटरी से चिनगारी उठने के अलावा एस-8 से तेज आवाजें आ रही थीं। इससे घबराए यात्री कोच के अंदर ही चिल्लाने लगे। ट्रेन जैसे ही जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर आकर रुकी तो बड़ी संख्या में यात्री नीचे उतर आए और हंगामा करने लगे। ड्राइवर और गार्ड ने हंगामे की सूचना स्टेशन उप अधीक्षक मुकेश वर्मा को दी। इस पर आरपीएफ और जीआरपी के अलावा रेलवे की तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंची।
एस-8 चेक करने के बाद तकनीकी टीम ने कोई फाल्ट नहीं माना और ट्रेन आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी। यात्री फिर हंगामा करने लगे और ट्रेन नहीं चलने दी। प्लेट फार्म नंबर दो पर दो घंटे से ज्यादा समय तक हंगामा चला। बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन उप अधीक्षक के दफ्तर में पहुंचकर हंगामा करने लगे। आरपीएफ और जीआरपी ने यात्रियों को समझा बुझाकर शांत किया। यात्रियों के हंगामे की वजह से राजरानी और कुंभ एक्सप्रेस को दूसरे प्लेट फार्म से आगे निकालना पड़ा। सीनियर सेक्शन इंजीनियर एके शाह ने ट्रेन के साथ तकनीकी स्टाफ भेजने का आश्वासन दिया। तब जाकर यात्री शांत हुए। तकनीकी टीम और आरपीएफ के साथ ट्रेन को मुरादाबाद के लिए रवाना किया गया।
शाहजहांपुर में भी चेक किया गया
उप स्टेशन अधीक्षक मुकेश वर्मा ने बताया कि सियालदह एक्सप्रेस के कोच एस-8 को यात्रियों की सूचना पर शाहजहांपुर में भी चेक किया गया था। जब वहां उसमें कोई फाल्ट नहीं पाया गया। तब ट्रेन शाहजहांपुर से चलकर बरेली पहुंची। यात्री फिर भी हंगामा करने लगे तो एस-8 को दोबारा चेक किया गया। उसमें कहीं कोई खराबी नहीं पाए जाने के बाद ही ट्रेन को रवाना किया गया।