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Bareilly News: व्यापारी बोले- हमने नहीं किया अतिक्रमण, निगम और पुलिस जिम्मेदार

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बरेली। व्यापारियों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को शहर के सभी प्रमुख व्यापार मंडल एक मंच पर आए। अमर उजाला कार्यालय परिसर में आयोजित संवाद में व्यापारियों ने कहा कि उन्होंने कोई अतिक्रमण नहीं किया है। नगर निगम व पुलिस की टीमें समय-समय पर अतिक्रमण हटवाती हैं, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही स्थिति हो जाती है। व्यापारी अतिक्रमण को लेकर खुद जागरूक हैं। कुछ माह पूर्व अतिक्रमण के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। पुलिस और नगर निगम की मिलीभगत से अतिक्रमण हो रहा है।
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व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने, उसे संवारने का जिम्मा व्यापारियों का है। कोई व्यापारी नहीं चाहता कि उसकी दुकान के आगे ठेले, ई-रिक्शा खड़े हों। व्यापारी विशाल मेहरोत्रा ने कहा कि महादेव सेतु बनने के बाद नगर निगम ने वादा किया था कि इसके नीचे अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। व्यापारी अपनी दुकान बेचने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि अतिक्रमण की वजह से ग्राहक वहां आना नहीं चाहते। अतिक्रमणकारियों ने रोड पर कीलें लगा रखी हैं। इसके हिसाब से ही रेट तय होते हैं। जगह निगम की है, लेकिन वसूली गई रकम का बंटवारा कई विभाग में होता है। इसको लेकर कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती है।

मल्टीलेवल पार्किंग का नहीं हो रहा इस्तेमाल
व्यापारी अनुज गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत करोड़ों रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई, लेकिन लोग उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। वजह, पार्किंग बाजार से काफी दूर है। गाड़ी खड़ी करने के बाद लोग ऑटो से बाजार के अंदर जाते हैं। कुतुबखाना बाजार में बनी पार्किंग तक कार लेकर जाकर बेहद कठिन है। विकास अग्रवाल ने कहा कि आर्य समाज गली में तारों का जाल है। बिजली के खंभों पर नेट के तार लटक रहे हैं, लेकिन उसे देखना वाला कोई नहीं है। रोहित जिंदल ने कहा कि व्यापारी आयकर, जीएसटी दे रहे हैं, लेकिन अवैध रूप से व्यापार करने वाले न तो टैक्स देते हैं, न ही उन पर कार्रवाई होती है।
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बेरोकटोक दौड़ रहे ई-रिक्शा
व्यापारी रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि शहर में ऑटो से दोगुने ई-रिक्शा हो गए हैं। उन्हें किस रूट पर चलना है और कहां रुकना है, इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है। ट्रैफिक पुलिस ने पहले कुछ नियम बनाए थे, पर मनमानी के आगे वे टिक नहीं सके। विभाग को हर रूट पर ई-रिक्शा की संख्या निर्धारित करना चाहिए। अनिल अग्रवाल ने कहा कि शहर में किसी वीवीआईपी के आते ही अतिक्रमण साफ हो जाता है। आम दिनों में इन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? सुरेंद्र रस्तोगी ने कहा कि अफसरों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी फर्क दिखाई देगा। शोभित सक्सेना ने कहा कि कोतवाली के पास ही अतिक्रमण है। अधिकारियों की गाड़ियां भी वहां से निकलती हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं देता। इस दौरान पुनीत चांदना, संजय गोयल, रोहित जिंदल, मुकेश खटवानी, सुदेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, मनोज अरोड़ा, दानिश जमाल, अमरजीत सिंह बख्शी, सूरज गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
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