बरेली। चौपुला के पास श्री बगिया शिव मंदिर की एक बीघा जमीन को किराएदार ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर अपने नाम करवा लिया है। अब वह उसे बेचने की तैयारी में है।
उस जमीन को बेचने के लिए वह कई ग्राहकों दिखा चुका है। इसकी जानकारी मंदिर के पुजारी को हुई तो उन्होंने इसका विरोध किया। पुजारी ने इसकी शिकायत डीएम से भी की है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
श्री बगिया शिव मंदिर 95 वर्ष पुराना है। चौपुला के पास मंदिर का परिसर 10 बीघा का है। यह जमीन अब करोड़ों की है। राजा राम वैद्य और पूर्व मेयर सुभाष पटेल के पिता ने मंदिर के लिए 1930 में जमीन दान की थी। उस दौरान यहां के लोग राजमिस्त्री व मजदूरी करते थे। आर्थिक तंगी की वजह से उसी दौरान व्यावसायिक उपयोग के लिए आरोपी को एक बीघा जमीन किराए पर दी गई थी।
उस समय मंदिर के सचिव बाबू सिंह थे, 1984 में उनका निधन हो गया। बाबू सिंह के बाद नत्थू सिंह समिति के सचिव बने। नत्थू सिंह के बाद अब गोकिल सिंह सिसोदिया मंदिर के पुजारी व उपाध्यक्ष बनाया गया। गोकिल सिंह का आरोप है कि मंदिर का जो परिसर किराए पर दिया गया था, उसे कुछ वर्ष पहले आरोपी ने अपने नाम करवा लिया है।
जमीन अपने नाम करवाने के बाद वह उसे बेचने के लिए सक्रिय हो गया है। उसने जमीन का व्यावसायिक उपयोग बंद कर दिया है और किराया भी नहीं दे रहा है। बेचने के लिए उसने कई लोगों को जमीन दिखाई।
पुजारी ने इसका विरोध करते हुए तहसील से रिकार्ड निकलवाया तो जालसाजी सामने आई। उन्होंने बताया कि यह जमीन करोड़ों की है। कभी किराएदार रहा आरोपी, अब उस पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने शिकायत डीएम से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। संवाद