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Bareilly News: अपंग हुई व्यवस्था...नहीं मिली व्हील चेयर, घिसटकर पहुंचे दिव्यांग, कोई गोद में तो कोई घिसटकर पहुंचा शिविर

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बरेली। सीएमओ कार्यालय परिसर में सोमवार को आयोजित शिविर में दिव्यांगों को प्रमाणपत्र, सत्यापन, नवीनीकरण आदि कार्यों के लिए घिसटते हुए पहुंचना पड़ा। दिव्यांग के परिजन व्हील चेयर खोजते रहे। जिम्मेदारों के दावे खोखले और व्यवस्था ''अपंगता'' का शिकार रही।
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प्रत्येक सोमवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय परिसर में दिव्यांग शिविर आयोजित होता है। अव्यवस्था का मामला सुर्खियां बनने के बाद कुछ दिन तक अफसर और कर्मचारी सजग रहते हैं। फिर स्थितियां जस की तस हो जाती हैं। सोमवार को जब अमर उजाला की टीम शिविर में व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए पहुंची तो अव्यवस्थाएं हावी रहीं। ऑटो, ई-रिक्शा या निजी वाहन को जिला अस्पताल के मेन गेट के स्टैंड पर ही रोक दिया गया। आसपास व्हीलचेयर न होने से परिजन दिव्यांगों का सहारा बने। तो कुछ घिसटते हुए शिविर पहुंचे।
नेकपुर गल्ला मंडी से शिविर में पहुंचे बहेड़ी के मूसापुर निवासी लक्ष्मण प्रसाद पैरों से दिव्यांग हैं। जब व्हीलचेयर नहीं मिली तो वे घिसटते हुए शिविर तक पहुंचे। नवाबगंज के प्रेमचंद दिव्यांग बेटे को गोद में लेकर शिविर पहुंचे। बताया कि इनकी बाइक स्टैंड पर ही रोक ली गई थी।
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दिव्यांगों के लिए नहीं है शौचालय की सुविधा
नेकपुर गल्ला मंडी निवासी महताब सिंह ने बताया कि वे बड़े भाई हरीश का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए शिविर पहुंचे थे। व्हील चेयर न मिलने से भाई को पीठ पर लादना पड़ा। बताया कि दिव्यांगों के लिए शिविर के पास कोई शौचालय नहीं है। इससे जो दिव्यांग पहुंचते हैं, उन्हें जिला अस्पताल के शौचालय तक की दूरी तय करनी पड़ती है। हालांकि, चिकित्सक समय से पहुंचे और दिव्यांगों की जांच कर जरूरी कार्य किए।


बीते सोमवार को अवकाश था, लिहाजा सोमवार को सौ से ज्यादा दिव्यांग शिविर में पहुंचे। व्हीलचेयर, पानी, छाया, बैठने की सभी व्यवस्था परिसर में हैं। संसाधन सीमित रहे। कार्यालय में दिव्यांग कर्मी न होने की वजह से दिव्यांगों के लिए शौचालय नहीं है। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
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अमर उजाला ब्यूरो
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