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Bareilly News: टूटे रिक्शों पर हांफ रही व्यवस्था, गांधी उद्यान में सड़ रहे दो करोड़ के नए ई-रिक्शा

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बरेली। नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था टूटे रिक्शों पर हांफ रही है। बार-बार शिकायत के बाद भी नगर निगम इनकी मरम्मत तक नहीं करा रहा है। दूसरी ओर, गांधी उद्यान में खड़े 60 नए ई-रिक्शा बारिश में सड़ रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि जब चलवाना ही नहीं था तो ये ई-रिक्शा खरीदे ही क्यों गए? बार-बार पूछने पर भी अफसर इस मामले में चुप्पी नहीं तोड़ रहे हैं। इस वजह से इस सौदे में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। पड़ताल करने पर पता चला कि असल में निगम के पास इनको चलाने के लिए चालक ही नहीं हैं।
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शहर के 80 वार्डों से कूड़ा उठान के लिए निगम के पास 140 वाहन हैं। यह संख्या शहर के लिए पर्याप्त नहीं है। अब भी 30-35 वार्ड ऐसे हैं, जहां से कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा। कई तंग गलियों में कूड़ा वाहन नहीं जा पाते। इस समस्या के समाधान के लिए ही 200 ई-रिक्शा खरीदने की योजना बनाई गई। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद जनवरी-फरवरी में डेढ़ करोड़ रुपये से 200 ई-रिक्शा की खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। कंपनी ने 60 ई-रिक्शों की डिलीवरी भी कर दी, लेकिन एजेंसियों ने इनका इस्तेमाल नहीं किया। पहले रजिस्ट्रेशन नहीं होने का बहाना बनाया गया। अब सामने आ रहा है कि इनको चलाने के लिए निगम के पास चालक ही नहीं हैं। इस मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर डिप्टी एसीएमओ तक चुप्पी साधे बैठे हैं। संवाद


ई-रिक्शों का संचालन अभी तक शुरू क्यों नहीं हुआ? संबंधित अधिकारियों से इसके बारे में पूछा जाएगा। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इनकी खरीद की गई है। इनका इस्तेमाल होना चाहिए। - उमेश गौतम, महापौर
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