बरेली। तापमान में उछाल के साथ ही लू भी अपना असर दिखा रही है। दूसरी ओर, गर्मी से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से बनाया गया एक्शन प्लान कागजों से बाहर नहीं आ पाया है। शहर में न तो कहीं प्याऊ दिख रहे हैं, न ही अन्य इंतजाम। रोडवेज बसों में ओआरएस का घोल तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गर्मी के चलते लोगों की हालत बिगड़ रही है।
जिला प्रशासन की तरफ से अप्रैल में ही हीटवेव एक्शन प्लान जारी कर दिया गया था। बैठक करके सभी विभागों को जिम्मेदारियां भी बांटी गईं। नगर निगम को सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी मिली थी। अब तक यह व्यवस्था हो नहीं पाई है।
हालांकि, नगर निगम का दावा है कि लू से बचाव के लिए कुल सात केंद्र बनाए गए हैं। यहां बिजली, पानी, शौचालय, पंखा, कूलर, गद्दे, कुर्सी व अन्य व्यवस्थाएं कराई गई हैं। 35 प्याऊ लगाने का दावा किया जा रहा है, बावजूद एक भी प्याऊ शहर में नहीं दिखाई पड़ रहा। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था भी चौपट है। आए दिन होने वाले फाॅल्ट के चलते घंटों बिजली गुल रहती है। अन्य विभाग भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर रहे हैं।
बसों में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं
यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी होने पर तुरंत राहत दिलाने के लिए ओआरएस रखने का प्रावधान है। मगर, सेटेलाइट व पुराने बस अड्डे से निकलने वाले अधिकतर रोडवेज बसों में ओआरएस का घोल ही गायब रहा। लखनऊ, बदायूं, शाहजहांपुर, सीतापुर, रुद्रपुर जाने वाली ज्यादातर बसों में तो फर्स्ट एड बाॅक्स ही नहीं है।
वर्जन
प्याऊ की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसका संचालन क्यों नहीं किया जा रहा है, यह पता कराएंगे। जल्द व्यवस्था होगी ताकि राहगीरों को गर्मी से राहत मिल सके। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त