बरेली जिले में जहां-तहां लटकते बिजली के तारों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं, फिर जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदें बैठे हुए हैं। गांव ही नहीं, शहर में भी जगह-जगह जर्जर तारों में करंट दौड़ रहा है, जो हादसे का सबब बन सकता है।
बरेली जिले में गांव छोड़िए, शहर में जहां जिम्मेदार अफसर बैठते हैं, वहां भी बिजली लाइनों के तार लटक रहे हैं। ये कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। यह हाल तब है, जब सिस्टम में सुधार के लिए 820 करोड़ रुपये लागत की रीवैंप योजना मार्च, 2023 में लागू हो चुकी है।
विज्ञापन
हालांकि अफसर दिसंबर, 2023 तक काम पूरे कराने के लिए निजी फर्म पर दबाव बनाए हुए हैं, लेकिन प्रगति पांच फीसदी भी नहीं हुई है। आठ करोड़ रुपये के कम के काम ही हुए हैं। मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा हर महीने समीक्षा कर रहे हैं। देरी को लेकर उनका कहना है कि हर संभव समय पर काम पूरा करने का प्रयास है।
वैसे अनुबंध के मुताबिक जनवरी, 2025 तक काम पूरे कराए जाने हैं। लेकिन उनसे जर्जर तारों और सिर पर झूल रही लाइनों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिखवाएंगे। जहां तार ढीले हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा।
ये है हकीकत
जिले में कई स्थान ऐसे हैं, जहां 3-4 मीटर की ऊंचाई पर खतरे के तार झूल रहे हैं। यदि कोई वाहन के ऊपर बैठकर निकल रहा है तो करंट लगने का खतरा रहता है।
ये है मानक
11 केवी हो या 33 केवी की लाइन, जमीन से तार की ऊंचाई 5.1 मीटर हो।
सिस्टम हुआ जानलेवा
जनवरी 2023 जगतपुर पावर हाउस में काम करते समय संविदाकर्मी की जान गई।
जून 2023 रिठौरा में हाईटेंशन लाइन के करंट से दो लोगों की मौत हुई।
जून 2023 हाफिजगंज में बैंड की ठेली निकलते वक्त करंट लगने से दो लोगों की मौत, चार झुलसे।
जुलाई 2023 किला क्षेत्र में कॉलेज जा रही इंटरमीडिएट की छात्रा की करंट से जान गई।
सितंबर 2023 आंवला क्षेत्र के अलीगंज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शोभायात्रा के दौरान करंट से तीन युवक झुलसे।
ये हैं हालात
गांधी उद्यान से सर्किट हाउस मार्ग पर 11 केवी लाइन के तार लटके हुए हैं। इन तारों के नीचे संचार केबल हैं। जमीन पर खड़े होने के बाद हाथ ऊपर करने पर इनसे छूनू का डर है। अगर ऊपर के तार से करंट आ जाए तो नीचे से निकल रहे लोग खतरे में आ सकते हैं।
कचहरी से सर्किट हाउस मार्ग पर मीना चेस्ट एंड जनरल हॉस्पिटल के बाहर एबीसी केबल लटका हुआ है। ऊंचाई 5.1 मीटर से कम है। यह स्थान ऐसा है, जहां से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अभियंता गुजरते रहते हैं, लेकिन तार नहीं कसे गए हैं।
आईजी ऑफिस के करीब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का गेस्ट हाउस है। गेस्ट हाऊस के बाहर ही एबीसी केबल के तार लटके हुए हैं। आसपास के लोग भी खतरा मानते हैं, लेकिन जिम्मेदार चेत नहीं रहे।
एसएसपी कार्यालय के सामने मुख्य मार्ग पर नर्सरी के ऊपर खतरे के तार लटक रहे हैं। दिन भर लोगों का आनाजाना रहता है। वाहन भी गुजरते हैं। अगर लोग जरा सा चूक जाएं तो करंट लग सकता है।