The story of piano music lovers
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
विंडरमेयर में चल रहे थियेटर फेस्ट के दौरान तीसरे रोज ‘पियानो’ नाटक का मंचन किया गया। इस कहानी में पियानो को बेचने और खरीदने की कहानी है। जो दो संगीत प्रेमियों को एक दूसरे से मिलने पर मजबूर कर देती है। इस पूरी कहानी के ताने बाने में नाटक यह कहने में सफल होता है कि संगीत इंसान के अकेलेपन को भरने का सबसे बड़ा जरिया है।
70वें दशक का यह नाटक उस समय का है जब डॉयल फोन चलन में था और मोबाइल फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं होता था। फिक्स्ड डॉयल फोन ही एक दूसरे से वार्ता संचारित करने का जरिया था।
नाटक में मुंबई के दो अलग अलग फ्लैट में रहने वाले लोग हैं। एक आदमी है जो अखबार में एक पियानो के बिकाऊ होने का विज्ञापन पढ़कर एक महिला (जो उस पियानो की मालकिन है) को फोन करता है। वो व्यक्ति बार-बार अलग-अलग पात्र बन कर महिला को फोन करता है। कभी एक बच्चा, कभी बूढ़ी औरत या फिर एक सभ्रांत पियानो डीलर के तौर पर। इस पर उस महिला को जरा भी शक नहीं होता कि सब अलग अलग नहीं एक ही व्यक्ति हैं। इन दोनों के रोमांचक वार्तालाप की कहानी नाटक ‘पियानो’ का अहम हिस्सा है। जो नाटक को आगे बढ़ाने में सहायक होती है।
इसमें दोनों के बीच फोन पर होने वाली वार्ता हास्य पैदा करती है। जिसका दर्शक भरपूर लुत्फ लेते हैं। रेरा रिपेर्टोरी मुंबई की इस प्रस्तुति में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रघुवीर यादव खरीदार की भूमिका में अपने बेहतरीन अदाकारी से सबको दीवाना बना लेते हैं तो महिला की भूमिका में रोशनी अचरेजा ने सधे हुए अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। प्रकाश और संगीत भी शानदार रहा। अंत में डा. ब्रिजेश्वर सिंह ने सभी आभार व्यक्त किया।
आज का नाटक
दया दृष्टि की सीईओ ने बताया कि रविवार को संचारी मुंबई की ओर से एकल अभिनय का ‘बड़ा भांड तो बड़ा भांड’ नाटक का मंचन किया जाएगा।