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Bareilly News: तेज हो रही विरोध की चिंगारी, किसान बोले- प्राधिकरण को नहीं देंगे जमीन

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बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से नई टाउनशिप के लिए विज्ञप्ति प्रकाशन के बाद किसानों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सहमति के बिना बीडीए उनकी जमीन कैसे ले सकता है? क्या यह अंग्रेजी हुकूमत है जो बीडीए उनकी जमीन छीन लेगा? किसानों ने प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर विरोध जताने की बात कही है।
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पीलीभीत रोड से सटी ग्राम पंचायत कलापुर में फसलों की सिंचाई के लिए नहर है। इससे वहां की जमीन काफी उपजाऊ है। पड़ोस में ही एयरपोर्ट और बरेली महानगर होने से जमीनें बेशकीमती हैं। शनिवार दोपहर डेढ़ बजे कलापुर के मजरा बरकापुर स्थित ग्राम पंचायत कार्यालय में ग्रामीणों के साथ प्रधान प्रतिनिधि भी मौजूद थे। सभी बीडीए से अपनी जमीन बचाने पर चर्चा कर रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि बीडीए ने उनकी 500 बीघे से अधिक जमीन के अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी है। नियमानुसार, 80 प्रतिशत भू-स्वामियों की सहमति के बाद ही जमीन का अधिग्रहण हो सकता है। यदि बीडीए नियम का उल्लंघन कर उनकी जमीन लेने की कोशिश करेगा तो वह चुप नहीं बैठेंगे। बीडीए पहले उनको मुआवजा दे, जिनकी जमीन का 20 साल पहले ही अधिग्रहण कर चुका है।
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दोपहर दो बजे आसपुर खूबचंद गांव के छोर पर स्थित परचून की दुकान के सामने एकत्र किसानों में भी बीडीए की नीति के विरुद्ध गुस्सा देखने को मिला।
बातचीत में पता चला कि यहां 28 गाटों की जमीन के अधिग्रहण के लिए बीडीए ने तैयारी की है। लेखपाल-कानूनगो सहमति पत्र पर किसानों का हस्ताक्षर-अंगूठा लेने गांव आ रहे हैं। संवाद
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