गायक मोहित चौहान के पिता उन्हें गवर्नमेंट ऑफिसर बनाना चाहते थे, लेकिन उनका मन थियेटर और ऐक्टिंग की तरफ ज्यादा लगता था। पढ़ने के बाद जब वह मुंबई में ऐक्टिंग के लिए पहुंचे तो उनका सेलेक्शन सिंगर के लिए हो गया। इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में आए गायक मोहित चौहान ने पत्रकार वार्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह कहा।
हिमाचल प्रदेश के रहने वाले मोहित चौहान ने बताया कि वह मुंबई में ऐक्टिंग करने गए थे, लेकिन सिंगर बन गए। उनकी आवाज तो अच्छी थी, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि वह गायक बन जाएंगे। वह भी इतने कामयाब गायक। उन्हें जिस बैंड से गाना शुरू किया था। मोहित चौहान अब अपने उस बैंड के लिए काफी कुछ करना चाहते हैं, लेकिन इतना समय ही नहीं मिल पा रहा था कि कुछ कर पाएं। आज के समय में प्ले बैक सिंगिंग को लेकर उन्होंने कहा कि अब गाने प्ले बैक सिंगर के हिसाब से नहीं, बल्कि डायरेक्टर के हिसाब से गाए जाते हैं। डायरेक्टर जैसा कहता है, वैसे ही गाने फिल्मों में गाए जाते हैं। जब उनसे पूछा कि अब ऐक्टिंग करने का मौका मिले तो क्या ऐक्टिंग करेंगे। इसका जवाब देते हुुए उन्होंने कहा कि अब वह ऐक्टिंग नहीं करना चाहते हैं। बतौर सिंगर अब उनकी इतनी पहचान हो चुकी हैं, उन्हें ऐक्टर बनने की कोई जरूरत नहीं है।