20 और 18 कैरेट सोने की मांग ज्यादा
बरेली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल के मुताबिक सोने की बढ़ती कीमतों के बीच महिलाएं छोटे-छोटे निवेश करने में जुट गई हैं। लिहाजा, भारी के बजाय हल्के वजन के गहने खूब बिक रहे हैं। 24 और 22 के बजाय, महिलाएं 20 व 18 कैरेट के गहनों की खरीदारी कर रही हैं। यह निवेश आर्थिक मजबूती की वजह बनेगा। वर्षों पहले जिन्होंने सोने में निवेश किया था, रिटर्न अब कई गुना बढ़ा है।
17 गुना तक बढ़ गई कीमत
सराफा एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2001 में सोना प्रति दस ग्राम 4,255 रुपये था। वर्ष 2006 में यह 8,875 रुपये जा पहुंचा। वर्ष 2014 में 30,300 और अब 73,500 रुपये तक जा पहुंचा है। बाजार की चाल पर गौर करें तो वर्ष 2001 के बाद 2007-08 के बीच कीमतों में तीन हजार, 2010-11 में पांच हजार, 2012-13 में आठ हजार, 2020-21 में 20 हजार रुपये का उछाल आया।
बीते वर्षों में 13 अप्रैल को सोने का दाम (प्रति दस ग्राम)
वर्ष 2001 में 4,255 रुपये, 2002 में 5,090, 2003 में 5,175, 2004 में 6,075, 2005 में 6,175, 2006 में 8,875, 2007 में 9,570, 2008 में 12,120, 2009 में 14,450, 2010 में 16,750, 2011 में 21,600, 2012 में 28,800, 2013 में 29,870, 2014 में 30,300, 2015 में 27,300, 2016 में 30,225, 2017 में 28,600, 2018 में 32,320, 2019 में 32,750, 2020 और 2021 में लॉकडाउन, 2022 में 52,600, 2023 में 62,100, 2024 में 73,500 रुपये है।