रुहेलखंड समेत प्रदेश के कुल तीन विश्वविद्यालयों में कुलपति चयन की प्रक्रिया नहीं हुई पूरी
बरेली। कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला की सेवा अवधि तीन महीने बढ़ाई जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, कुलपति चयन की प्रक्रिया लॉकडाउन के चलते पूरी नहीं हो सकी है। यहां बता दें कि प्रो. अनिल शुक्ला का कार्यकाल 25 अप्रैल को पूरा होने वाला था।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अलावा गोरखपुर विश्वविद्यालय व पूर्वांचल विश्वविद्यालय मेें भी कुलपति चयन की प्रक्रिया पूरी न होने से यहां केे कुलपतियों का कार्यकाल भी बढ़ सकता है। यहां बता दें कि गोरखपुर विश्वविद्यालय में 25 अप्रैल व पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एक मई को कुलपति का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बताया जाता है कि लखनऊ राजभवन में सेवा बढ़ाने को लेकर फाइल भी तैयार कर ली गई है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि अब तक शासन से कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।