बरेली। पप्पू की हत्या और शव ठिकाने लगाने के बाद नरगिस और रियाज ने गांव के लोगों के साथ पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन दोनों कामयाब नहीं हुए। शक होने पर पुलिस ने दोनों से सख्ती के साथ अलग-अलग पूछताछ की तो पप्पू की हत्या का राज खुल गया।
नरगिस इससे पहले भी अपने प्रेमी रियाज के साथ मिलकर पप्पू की हत्या की योजना बना चुकी थी, लेकिन 10 सितंबर को पप्पू ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में साथ देख लिया तो दोनों ने पप्पू को ठिकाने लगाने की ठान ली।
नरगिस और रियाज ने 11 सितंबर की रात ही पप्पू की हत्या करने के बाद शव ठिकाने लगा दिया। अगले दो-तीन दिन बाद गांव में पप्पू के न दिखने की चर्चा होने लगी तो नरगिस लोगों से बहाने बनाकर पप्पू के काम से बाहर जाने की बात कहने लगी।
गांव के लोगों और पड़ोसियों को भी शक होने लगा तो वे बार-बार नरगिस से पप्पू के बारे में पूछने लगे।
इस पर नरगिस ने 15 सितंबर को भुता थाने में पप्पू की गुमशुदगी दर्ज करा दी। सीओ संदीप सिंह ने बताया कि पप्पू की तलाश के दौरान कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आए। नरगिस और रियाज के बीच संबंधों की बात भी सामने आई।
पुलिस उस दिशा में काम करती उससे पहले ही नरगिस ने 16 सितंबर को थाने में एक और तहरीर दी। इसमें पप्पू की हत्या की बात कहते हुए रियाज पर शक जताया गया। इसके बाद पुलिस का शक रियाज और नरगिस पर गहरा गया। रियाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में रियाज ने नरगिस के साथ अवैध संबंधों की बात स्वीकार की। उसने यह भी बताया कि 10 सितंबर को पप्पू ने दोनों को साथ देख लिया था। इसके बाद उसने नरगिस के कहने पर पप्पू की हत्या की और शव भी ठिकाने लगाया।
बाद में इस मामले में नरगिस उसको ही फंसाना चाहती थी। पूछताछ में पहले नरगिस ने भी पुलिस को गुमराह किया, लेकिन सख्ती करने पर वह टूट गई और सच्चाई उगल दी।