बिशारतगंज। सरकार की निपुण भारत की मंशा को मझगवां ब्लॉक के गांव शिवनगर चंपतपुर के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक पलीता लगा रहे हैं। विद्यालय बंद होने के कारण विद्यार्थी दस्तक देकर लौटने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल निर्धारित समय सुबह 9ः00 बजे से नहीं खुलता है। एक से डेढ़ घंटे बाद खुलता है। विद्यार्थी बाहर खड़े शिक्षकों की राह तकते रहते हैं। विद्यालय में शिक्षामित्र सहित चार शिक्षकों की तैनाती है। लेकिन, प्रबंधन बेहतर न होने से व्यवस्था चरमराई हुई है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार का शिक्षक ही हनन कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षाओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम के कारण विद्यालय में तैनात शिक्षक अनुपस्थित हैं। वैकल्पिक व्यवस्था में भी शिक्षक की जवाबदेही तय नहीं की गई है। इन दिनों विद्यार्थी दरवाजे पर ताला देखकर लौटने पर मजबूर हो रहे हैं।
प्रधानाध्यापिक - नौ मार्च तक अवकाश पर हैं।
सहायक अध्यापिका - बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के नाम पर गैर-परीक्षा वाले दिनों में भी अनुपस्थित रहती हैं।
शिक्षामित्र - बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की ड्यूटी में व्यस्त हैं।
शिक्षक - ब्लॉक भ्रमण पर हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था - भिंडौरा जूनियर हाई स्कूल से संबद्ध शिक्षक की ड्यूटी शिवनगर चंपतपुर में लगाई गई, जो समय का पालन नहीं कर रहे हैं।
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विद्यार्थियों की गिरती नामांकन संख्या
इस अव्यवस्था का सीधा असर नामांकन पर पड़ा है। विद्यालय में छात्रों की संख्या 125 से घटकर 60 रह गई है। कुछ परिवारों ने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया है, जबकि गरीब तबके के बच्चे व्यवस्था की इस मार को झेलने को मजबूर हैं।
वर्जन,
मामला संज्ञान में आया है। इसको दिखवाएंगे। - सुनील कुमार शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, मझगवां