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अस्पतालाें के कचरा निस्तारण के नाम पर भी घोटाला

Sat, 25 Mar 2017 01:44 AM IST
बरेली।  
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The scam was also named after the disposal of the hospital's garbage - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों से मेडिकल बायोवेस्ट उठाने वाली एजेंसी के यहां भारी गड़बड़ी पकड़ी गई है। कूड़ा निस्तारण प्लांट पर शहर से निकलने वाला कूड़ा तक नहीं है। कूड़े को रिसाइकिल करने वाली मशीनें भी 15 दिन में एक बार चल रही हैं। एजेंसी की 6 गाड़ियां 500 अस्पतालों में कैसे कूड़ा उठा रहीं हैं इसका कोई रूट चार्ट एजेंसी के पास नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में यह पोल खुली है तो अब एजेंसी से जवाब मांगा जा रहा है।
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सीएमओ डॉ. विजय यादव की चिट्ठी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण का काम करने वाली इनविरॉड एजेंसी के सीबीगंज स्थित प्लांट पर छापा मारा। यहां लगी सॉलिड कूड़े को रिसाइकिल करने वाली ऑटो क्लेव मशीन बंद थी। मेडिकल वेस्ट को जलाने वाले इंसीनरेटर मशीन चल रही थी। पूछताछ में बताया गया कि 10 क्विंटल मेडिकल कूड़ा रोजाना यहां आता है। ऑटो क्लेव मशीन 15- 15 दिन पर चलाते हैं। जबकि यह मशीन रोज चलनी चाहिए। शाम साढ़े 4 बजे तक एजेंसी की कोई भी गाड़ी प्लांट नहीं पहुंची थी, जबकि वाहन मैजिक है और इसी पर 500 अस्पतालाें का कूड़ा ढोया जा रहा है। एजेंसी कैसे गाड़ियों को मैनेज करती है इसका कोई रूट चार्ट नहीं था। 
 
सिर्फ 5 किलोग्राम पड़ा था कूड़ा 
एजेंसी के प्लांट पर सिर्फ पांच किलोग्राम कूड़ा पड़ा था जबकि निरीक्षण करने वाली टीम का कहना है कि अगर वह 15- 15 दिन में मशीन चला रहे हैं तो कूड़ा इकट्ठा करना चाहिए। इस तरह करीब 35 से 40 किलोग्राम कूड़ा तो होना ही चाहिए था जो वहां नहीं था। 
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वसूली है लाखों रुपए 
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एजेंसी को प्रतिकिलो के हिसाब से हर माह हजारों रुपए का भुगतान किया जाता है। सिर्फ सीएचसी और पीएचसी से ही 15 हजार रुपए हर महीने भुगतान किया जाता है। 12 से अधिक केंद्र हैं। महिला व जिला अस्पताल का भी दायित्व है। इसके अलावा 500 निजी अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम और पैथालजी का कूड़ा उठाने की भी जिम्मेदारी है। इनसे भी 80 रुपये बैग का रेट है और हर अस्पताल से औसतन दो बैग से लेकर आठ बैग तक रोज निकलता है। वसूली एजेंसी करती है। 

यह है नियम 
इनविरॉड एजेंसी को सरकारी अस्पताल में सॉल्यूशन, निडिल कटर, रंगीन पॉलीथिन, दस्ताने, चार रंग के डस्टबिन देने होते हैं। प्राइवेट अस्पताल अपने खर्च पर इन चीजों का इंतजाम कर एजेंसी को कूड़ा देती है। सॉलिड और मेडिकल वेस्ट को अलग करके कूड़ा देना होता है जबकि प्राइवेट अस्पतालाें में इसका पालन नहीं हो रहा है। 

पीसीबी, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम को छापामारी के लिए कहा गया था। कई गड़बड़ियां प्लांट पर पकड़ी गई हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह गंभीर मामला है। 
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डॉ. विजय यादव, सीएमओ 
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