बरेली में पुलिस टीम जिन बोगस फर्मों के काले धंधे पर काम कर रही है, उसके तार खाद्यान्न व राशन माफिया से जुड़े मिल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकारी राशन की कालाबाजारी के आरोप में नामजद माफिया ही इस तरह की फर्मों के सहारे जीएसटी चोरी में लगे हैं। फिलहाल, घपला सवा दो सौ करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। अब ऑनलाइन धोखाधड़ी, हवाला और जीएसटी चोरी से जुड़े इस संगठित गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के मुताबिक, सर्वाधिक बोगस फर्में शाहजहांपुर के जलालाबाद, बदायूं के दातागंज में मिली हैं। बरेली जिले में भी कई फर्में हैं। साजन नाम की बोगस फर्म से 88 करोड़ का लेन-देन करने वाले मालिक नीटू गुप्ता के नाम ही कई बोगस फर्में पाई गई हैं। अब इन फर्मों के खाते खाली हो चुके हैं। जाहिर है कि आरोपियों ने फंसने की आशंका में धन पहले ही निकाल लिया है। सितंबर 2025 में नीटू भी साजन फर्म का खाता खाली कर चुका है।
नीटू का रिश्तेदार रिठौरा का चर्चित खाद्यान्न माफिया रहा है। उसके खिलाफ सरकारी राशन में हेरफेर के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। दातागंज की कई राइस मिलों के तार भी इस धंधे से जुड़े होने की आशंका है। संभल जिले के चंदौसी का खाद्यान्न माफिया भी नीटू का सहयोगी है और कई फर्में संचालित कर रहा है।