चुनाव आचार संहिता की आड़ में पीडब्ल्यूडी में मार्ग मरम्मत और नवीनीकरण के नाम पर खूब खेल किए गए। इंजीनियरों और ठेकेदारों ने आचार संहिता लगने से पहले एक करोड़ की लागत से 16 कामों की स्वीकृति शासन से करा ली। अल्पकालीन टेंडर मांगने की प्रक्रिया शुरू हुई । कुछ कामों की निविदा प्रकाशित हुई और बाकी काम बिना निविदा मांगे मनमाने तरीके से करा लिए गए। ठेकेदारों ने दो महीने में मनमाने तरीके से काम पूरा दिखाकर बजट ठिकाने लगा दिया। एक करोड़ की लागत से बनी ये सड़कें अब उखड़ने लगी हैं।
दो नवंबर 2016 को पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड ने 16 कामों की निविदा मांगने का नोटिस लगाया। इन कामों की लागत लगभग एक करोड़ की थी। बताया जाता है कि इनमें केवल 33 लाख के मार्ग मरम्मत और नवीनीकरण कराने का टेंडर निकाला गया। बाकी कामों के टेंडरों में न तो आनलाइन प्रक्रिया का पालन किया गया और न ही ज्यादातर कामों के टेंडरों का सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित कराया गया। इंजीनियरों ने अपने रिश्तेदार और सपा से जुड़े ठेकेदारों से पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पालन कराए बिना काम करा लिए। इसमें बजट का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। दो महीने पहले हुए सड़क मरम्मत और नवीनीकरण के मार्गोँ पर शहर विधायक डा. अरुण कुमार के बोर्ड लगे हैं लेकिन सड़कें गायब हैं। उनकी जगह जर्जर मार्गों के गड्ढों पर पत्थर या बजरी पड़ी नजर आ रही है।
नवीनीकरण और मरम्मत के कामों पर एक नजर
मार्ग का नाम बजट खर्च
ग्रेटर आकाश से त्रिलोक विहार 2.98 लाख
शास्त्री नगर कब्रिस्तान से राकेश
मित्तल के मकान तक 4.26 लाख
ट्यूलिया में किशनलाल के मकान
से विशाल गंगवार के मकान तक 4.65 लाख
सिटी हार्ट कालोनी में मार्ग मरम्मत 5.25 लाख
किला छावनी में वीरेंद्र के घर तक 1.50 लाख
शास्त्री नगर में एनएच एक से 13
तक मार्ग मरम्मत का काम 2.10 लाख
मठ लक्ष्मीपुर मिनीबाईपास मार्ग 8.00 लाख
आशुतोष विहार में हरिहर मंदिर मार्ग 6.37 लाख
वीर सावरकर नगर से बड़ी विहार
जाने वाला मार्ग मरम्मत 4.25 लाख
छोटी विहार बाईपास रोड से मंदिर चौक
मार्ग का निर्माण 2.10 लाख
बांके बिहारी मंदिर से भटनागर कोचिंग
मार्ग का निर्माण 4.90 लाख
एलआईसी मोड़ से आकांक्षा इन्क्लेब
तक क्षतिग्रस्त मार्ग निर्माण 13.50 लाख
पटेल नगर में स्टील फैक्ट्री से आईवीआरआई
रोड नाले के निकट मार्ग का निर्माण 2.70 लाख
जो भी काम हुए हैं, उनमें निविदाएं मांगी गई थीं। हो सकता है कि एक या दो सड़कों की निविदाओं का प्रकाशन नहीं हुआ हो। कोई सड़क बनने के बाद अगर उखड़ गई है तो उसको दोबारा ठीक करा देंगे। वीएन शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड
मुख्यमंत्री जी ने चुनाव से पहले प्रत्येक विधायक को 60 किलोमीटर मार्गों की मरम्मत के लिए एक करोड़ का बजट दिया था। पीडब्ल्यूडी ने उसका गलत इस्तेमाल किया या सही। हम सब मार्गोँ पर काम की गुणवत्ता मौके पर जाकर देखेेंगे। बजट के दुरुपयोग की बात सामने आई तो शासन को पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। डा. अरुण कुमार, विधायक शहर