बरखन। दो माह पहले बिछाई गई बरखन-क्योलड़िया सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह हुए गड्ढों के चलते चलना दूभर है। बबूरा, बाबूरी, ठिरिया बन्नोजान, हरिचंदपुर के ग्रामीण परेशान हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मार्ग वर्षों से खस्ताहाल था। कई बार मांग के बाद करीब दो महीने पहले इसका निर्माण कराया गया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब होने से निर्माण के कुछ दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगी। डामर की परत पूरी उखड़ गई है। यहां डाला गया पत्थर सड़क पर बिखरा हुआ है।
गिट्टियां बिखरी होने के चलते बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने की मांग की। कहा कि खराब गुणवत्ता का माल इस्तेमाल करने के चलते ही रोड की दो महीनों में ही यह दशा हो गई।
उन्होंने बताया कि बरखन क्षेत्र की सड़क की दशा और खराब है। यहां भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इस वजह से हादसे हो रहे हैं। बरखन, चेना, बड़ेगांव, गंगापुर, एठपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीण आशिक हुसैन, हसन अब्बास, मौजम अली, अहबाब, रामऔतार, छोटे लाल आदि ने बताया कि कई बार शिकायत की गई, मगर सुनवाई नहीं हुई।
मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी भगत सिंह ने बताया कि स्थलीय निरीक्षण करके रोड की स्थित देखी जाएगी। लापरवाही की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मीरगंज–सिरौली मार्ग की जल्द सुधरेगी दशा
मीरगंज। लंबे समय से जर्जर मीरगंज–सिरौली मार्ग की दशा जल्द सुधरने की उम्मीद है। करीब 18 करोड़ की लागत से इसके चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव मंजूर होते ही काम शुरू होगा। कम चौड़ाई और खराब सड़क की वजह से यहां से गुजरते समय हादसे की आशंका बनी रहती है। कैलाशगिरी मढ़ी के पास रामगंगा नदी पर पुल बन जाने के बाद बड़े वाहनों का आवागमन भी इस मार्ग पर बढ़ गया है। सड़क खराब होने से वाहन सवार परेशान होते हैं। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सलमान खान ने बताया कि इस मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। संवाद