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Bareilly News: अतिक्रमण से नाले में तब्दील हुई नदी, नहीं हो रही कार्रवाई

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नवाबगंज। पनघैली नदी के किनारों को खुलेआम पाटा जा रहा है। अपना वजूद खोती जा रही पनघैली नदी को लेकर न अधिकारियों को चिंता है और न जन प्रतिनिधियों को।
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अफसरों की लापरवाही से नदी के किनारों के पास अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। इससे नदी अब धीरे-धीरे नाले के रूप में तब्दील होती जा रही है। वहीं, बारिश के दिनों में बाढ़ आई तो कस्बे में पानी भी घुस सकता है।
आसपास बने मकान इसमें समा सकते हैं। सालों से कस्बे से सटकर बह रही पनघैली नदी का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। कस्बे के पास नदी के किनारे दबंगों ने अवैध कब्जा कर उसका स्वरूप बदल दिया है।
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भूमाफियाओं ने नदी के किनारे मिट्टी और पत्थरों से पटान कर निर्माण भी करा लिए हैं। इस बीच कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसा नहीं कि जिम्मेदार अफसरों को जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बाद भी वे खामोश बने बैठे हैं।
इस मामले को लेकर नगरपालिका अध्यक्ष प्रेमलता राठौर ने कुछ समय पहले मुख्यमंत्री से मिलकर पनघैली नदी के किनारे हो रहे अवैध कब्जों को साफ कराने और उस भूमि पर पौधरोपण कराने की मांग कर चुकी हैं।
50 मीटर के आसपास नदी की होनी चाहिए चौड़ाई: पनघैली में अभी पानी का जलस्तर कम है, लेकिन जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर हुआ तो कई मकान नदी में समा सकते हैं।
ऐसे में लोगों की जान को खतरा हो सकता है। वहीं, लोगों का कहना है कि इस तरह पनघैली नदी पर कब्जा बरकरार रहा तो भविष्य में इसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। बताया जाता है कि नदी की चौड़ाई करीब 50 मीटर के आसपास होनी चाहिए, लेकिन कब्जे के बाद नदी नाले के रूप में सिमट कर रह गई है। संवाद
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कब्जों को हटवाना नगर पालिका का कार्य : एसडीएम

एसडीएम उदित पवार ने बताया कि एक पार्क के पास अवैध कब्जा हटाने को लेकर शासन से आदेश आया, जिसे हटा दिया है, लेकिन नदी के किनारे हुए अवैध कब्जों के बारे में कोई सूचना नहीं है। कस्बे के अवैध कब्जे को हटवाना नगर पालिका का कार्य है। यदि कोई आदेश शासन से आता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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