पीलीभीत रोड पर बरातघरों और होटलों के निर्माण से खत्म हो गई हरित पट्टी, शहर में बवाल के बाद बीडीए ने सील लगाई तो दबंगों ने खुद ही खोल डाली
बरेली। सत्ताधीशों और अफसरशाही की कृपा से पीलीभीत हाईवे के दोनों ओर की हरित पट्टी को रसूखदार निगल गए। यहां मानकों को ताक पर रखकर होटल, बरातघर व अन्य व्यावसायिक इमारतों का निर्माण होता रहा। अब बवाल के बाद नोटिस और सीलबंदी का दौर चल रहा है।
26 सितंबर को शहर में हुए बवाल के बाद जब मौलाना तौकीर रजा को फाइक एन्क्लेव में एक बरातघर संचालक के घर से गिरफ्तार किया गया तो मौलाना के दूसरे करीबी भी घिरते चले गए। पुलिस ने कुछ पर रिपोर्ट लिखी तो कुछ को बाद में साजिश में शामिल होने व अन्य तरह का सहयोग देने के आरोप में नामजद किया। यही वजह रही जो आरिफ के बरातघरों के अलावा आरिश लॉन व मन्नत लॉन समेत कई व्यावसायिक भवनों को सील किया गया।
इनमें से मन्नत लॉन के मालिक साकिब पर आरोप लगा कि उसने बीडीए की सील तोड़कर बरातघर की बुकिंग शुरू कर दी। उसने इस बरातघर में कई शादियां भी करवा दीं। इस बीच दोबारा शिकायत हुई तो मन्नत लॉन सील कर उसके मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। हालांकि, मामले में अब तक गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई नहीं की गई है। ब्यूरो