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Bareilly News: धंसे फुटपाथ के नीचे दबी स्मार्ट सिटी की साख

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बरेली। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 180 करोड़ रुपये की लागत से तीन चरणों में 21 सड़कों का निर्माण कराया गया। फुटपाथ बनाए गए और स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। सालभर पहले ये काम पूरे हुए। इसका डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड सितंबर 2025 तक तक है, लेकिन निजी फर्में कागजों पर जिम्मेदारी निभा रहीं हैं। इधर, उखड़े तो कहीं धंसे फुटपाथ स्मार्ट सिटी की साख पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अमर उजाला टीम ने रविवार को इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
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नावेल्टी प्लाजा के बाहर धंसे फुटपाथ से बने गड्ढे पर दुकानदार ने डंडा लगा दिया, ताकि कोई गिरकर जख्मी न हो। कई जगह प्लांटर उखड़े मिले। जिन बिजली लाइनों को भूमिगत करने के लिए मोटा भुगतान किया गया, उनके केबल भी सड़क पर दिख रहे हैं। बरेली कॉलेज के निकट मस्जिद के सामने और एमसीआई मार्केट के सामने केबल फुटपाथ पर बिखरे मिले। बारिश के दौरान यहां करंट का खतरा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा से पहले फुटपाथ ठीक कराए जाने थे। अब सावन का दूसरा सोमवार आ गया, पर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। पार्षद भी इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। ब्यूरो
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ये है हाल
- नावल्टी प्लाजा के बाहर सात दिन पहले फुटपाथ धंस गया। लोग गिरने लगे तो वहां के दुकानदारों ने गड्ढे में डंडा लगा दिया।
- एमसीआई मार्केट के सामने फुटपाथ क्षतिग्रस्त है। भूमिगत केबल फुटपाथ पर दिख रहा है। खतरे के बीच लोग गुजर रहे हैं।
- गांधी उद्यान के सामने विकास भवन की ओर जाने वाले मार्ग का फुटपाथ काफी दिनों से उखड़ा है। कोई सुध नहीं ले रहा।
- श्यामगंज से गांधी उद्यान मार्ग पर मुख्य वन संरक्षक कार्यालय के सामने सड़क के फुटपाथ पर हुए गड्ढे में जलभराव है।
- स्काई वाॅक की सर्विस रोड का फुटपाथ धंसा हुआ है। आवागमन के दौरान यह राहगीरों के गिरने का खतरा बना रहता है।

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आवागमन में है खतरा, पर कोई देखने वाला नहीं
फोटो
भूमिगत किए गए तार सड़क पर हैं। आवागमन में खतरा है, पर कोई देखने वाला नहीं है। अगर देखते तो अब तक ठीक हो जाता। - आकाश कुमार, एमसीआई मार्केट
सात दिनों में कई लोग फुटपाथ धंसने से बने गड्ढे में गिरे। हम लोग बचकर निकलते हैं, पर बाहर वालों को इसका अंदाजा नहीं होता । - शाहिद नबी, नावल्टी चौराहा

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शुरू से होती रही मानकों की अनदेखी
स्मार्ट सिटी परियोजना में शुरू से ही मानकों की अनदेखी होती रही। अब भी हाल ठीक नहीं है। फुटपाथ धंस रहे हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य है। - हरीशंकर लोधी, पार्षद, फाल्तूनगंज
आए दिन खोदाई करके फुटपाथ तोड़े जा रहे हैं पर किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही है। ऐसे हालात की उम्मीद न थी। - राजेश अग्रवाल, पार्षद, रामपुर गार्डन
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वर्जन

फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट और प्लांटर को ठीक कराने की जिम्मेदारी अभी संबंधित फर्मों की ही है। अगर कहीं कोई फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो रहा है या धंस रहा है तो उसे ठीक कराएंगे। संबंधित की जिम्मेदारी भी तय होगी। - उमेश गौतम, महापौर
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