बरेली। बंगलूरू स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम से स्वामी भव्य तेज एक हजार साल प्राचीन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेष लेकर शहर आ रहे हैं। यहां अवशेष का पूजन होगा। रामपुर बाग स्थित स्कूल में शनिवार को आर्ट ऑफ लिविंग परिवार की ओर से यह जानकारी दी गई। बताया गया कि यह यात्रा विभिन्न शहरों से होते हुए छह अप्रैल को बरेली आएगी। श्वेता ने बताया कि ये अवशेष अब तक तमिलनाडु में गुप्त रूप से संरक्षित रहे। यह यात्रा वर्षों की तपस्या, भक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। यह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। छह अप्रैल को सुबह नौ बजे से त्रिवटीनाथ मंदिर के सत्संग भवन में कार्यक्रम होगा। वार्ता के दौरान गोपाल शरण अग्रवाल, सौरभ मेहरोत्रा, बृजवासी अग्रवाल, अमित, रेनू अग्रवाल, गोपाल सरन, अशोक भसीन, नवीन गोयल आदि मौजूद रहे।