रेलवे के रेल पटरियों की मरम्मत के अभियान का खामियाजा न सिर्फ रेल बल्कि सड़क यातायात भी चौपट हो गया है। आगरा हाईवे पर लाल फाटक के दूसरे दिन भी बंद रहने से चौपुला चौराहे पर पूरे दिन यातायात का भीषण दबाव रहा। दोपहर 12 बजे जाम लगा तो देर शाम तक बस, ट्रक और कारें एक के पीछे एक फंसे रहे। ट्रैफिक पुलिस तमाम कोशिशों के बाद भी जाम नहीं खुलवा सकी।
ट्रैफिक जाम की वजह से चौपुला चौराहे से गुजरने वाले वाहनों को दो-दो घंटे तक लगे। हालात ज्यादा खराब होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर बाद दिल्ली जाने वाली बसों को डायवर्ट कर दिया, लेकिन फिर भी देर शाम तक ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर नहीं आई। दोपहर के वक्त बदायूं रोड की तरफ से शहर में घुसे कुछ ट्रकों ने काफी देर के लिए ट्रैफिक को पूरी तरह जाम कर दिया। जैसे-तैसे उन्हें निकाला गया, फिर भी वाहन रेंग-रेंगकर ही आगे निकल पाए।
अब सेटेलाइट होकर जाएंगी दिल्ली की बसें
एसपी ट्रैफिक कमलेश बहादुर ने बताया कि लाल फाटक क्रॉसिंग अभी दो दिन और बंद रखा जाएगा, इसलिए दिल्ली की तरफ जाने वाले रोडवेज बसों के लिए डायवर्जन लागू कर दिया गया है। सेटेलाइट स्टैंड से दिल्ली जाने वाली बस पीलीभीत हाईवे से बड़ा बाईपास होकर जाएंगी। पुराना रोडवेज अड्डे से चलने वाली बसें भी चौकी चौराहा होते हुए सेटेलाइट पहुंचेंगी और वहां से पीलीभीत हाईवे होकर बड़ा बाईपास पर भेजी जाएंगी। यह डायवर्जन सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक लागू रहेगा।
चौपुला चौराहे पर रहेगा तीन गुना स्टाफ
वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम के हालात देखते हुए यातायात विभाग ने चौपुला चौराहे पर स्टाफ को भी बढ़ाकर तीन गुना कर दिया है। यहां आमतौर पर दो शिफ्ट में सात पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है, लेकिन अब एक टीएसआई, चार एचसीपी, चार कांस्टेबल और छह होमगार्ड चौराहे की यातायात व्यवस्था संभालेंगे।