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रेता-बजरी वालों को अपनी साठगांठ पर यकीन

Tue, 26 Dec 2017 01:49 AM IST
बरेली।
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रेता बजरी
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रेता-बजरी वाले सालों से सड़कों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। नगर निगम वालों और पुलिस से साठगांठ इतनी पक्की है कि उनके अवैध कब्जों के चक्कर में कई बार सड़कों पर हादसे हुए, कई जानें भी चली गईं लेकिन कभी किसी ने उनके अतिक्रमण की ओर आंखें टेढ़ी नहीं कीं। सड़कों को घेरे बैठे रेता-बजरी वालों का शायद अपनी साठगांठ पर ही यह यकीन है कि नए मेयर उमेश गौतम के अल्टीमेटम पर भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया। उमेश गौतम ने सतीपुर चौराहे पर रेता-बजरी हटाने के दौरान विवाद होने के बाद 21 दिसंबर को सड़क किनारे रेता-बजरी का कारोबार करने वालों को तीन दिन की मोहलत देते हुए कहा था कि इसके बाद उनका सारा सामान जब्त कर लिया जाएगा और जुर्माना भी लगेगा। तीन दिन का यह वक्त भी बीत चुका है, लेकिन सड़कों के किनारे रेता-बजरी के ढेर यथावत हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने जब हालात का जायजा लिया तो मेयर की चेतावनी का कोई असर नजर नहीं आया। 
पीलीभीत बाईपास
सतीपुर चौराहे से कुछ आगे दो कारोबारियों ने पास-पास ही रेता-बजरी सड़क किनारे फैला रखी थी। यहां बेखौफ होकर कारोबार होता मिला। पिछले दिनों इस रोड पर तो अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चल चुका है, मगर यहां के हालात पहले जैसे ही नजर आए। पास ही एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के आगे भी रेता-बजरी का ऊंचा ढेर लगा था। 
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डोहरा रोड
बीसलपुर चौराहे से आगे रुहेलखंड पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर सड़क किनारे ईंटों का ढेर लगा था। ग्रीन पार्क के गेट से आगे भी दो-तीन व्यापारियों ने सड़क तक रेता-बजरी के ढेर लगा रखे थे। एक दुकान पर ट्रक से बजरी उतारी जा रही थी। इसके चलते दोनों ओर से वाहन आने पर वहां जाम की स्थिति भी बन गई थी।
यूनिवर्सिटी के पास
पीलीभीत बाईपास पर ही रुहेलखंड विश्वविद्यालय से थोड़ा आगे बढ़ने पर सड़क किनारे जगह-जगह ईंटों के ढेर लगे मिले। कारोबारियों ने यहां मुख्य मार्ग के अलावा कॉलोनियों के रास्तों पर भी ईंटें लगा रखी थीं। पिछले दिनों यहां पर भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा चुका है लेकिन कोई असर नहीं नजर आया।
सौ फुटा रोड
पीलीभीत बाईपास से सौफुटा रोड की ओर मुड़ते ही रेता-बजरी की कई दुकानें नजर आईं। यहां पर रेता-बजरी सड़क तक फैला हुआ था। व्यापारियों ने अपना तौल कांटा भी सड़क किनारे लगा रखा था। इस रोड पर अभी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की बारी नहीं आई है। इससे आगे भी एक दुकान का रेता-बजरी सड़क तक फैला हुआ दिखा।
डेलापीर चौराहा
चौराहे पर स्थित पेट्रोलपंप के ठीक पीछे रेता-बजरी का बड़ा कारोबार फैला हुआ है। यह पूरा कारोबार ही नगर निगम की जमीन पर चल रहा है। हालांकि रेता बजरी को सड़क से दूर कर लिया गया है लेकिन दूरी अब भी बहुत ज्यादा नहीं है। कुछ दूरी पर एक निर्माणाधीन बिल्डिंग का मैटेरियल भी सड़क तक बिखरा हुआ था।
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डेलापीर रोड
चौराहे से आगे बढ़कर डीडीपुरम मोड़ के सामने ही रेता-बजरी का बड़ा सा ढेर सड़क तक बिखरा नजर आया। इससे आगे भाजपा जिला कार्यालय रोड के दोनों ओर भी रेता-बजरी के बड़े-बड़े ढेर लगे थे। इतना ही नहीं लोगों ने अपनी सहूलियत के लिए सड़क किनारे फड़ भी बना रखे थे। एक-एक जगह कई ट्रक रेता-बजरी बिखरा हुआ था।
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