नवाबगंज। गन्ना मूल्य के बकाया 70 करोड़ रुपये का भुगतान जल्द करने को लेकर पिछले नौ दिनों से तहसील में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सोमवार को लिखित आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से तीन महीने में पूरा भुगतान कराने की बात कही गई है।
धरने पर बैठे किसान ओसवाल चीनी मिल से पिछले दो वर्षों के बकाये का भुगतान मांग रहे थे। किसानों ने बताया कि गन्ना भुगतान न मिलने से जरूरी खर्चे पूरी नहीं हो पा रहे। उधार लेना पड़ रहा है।
तहसील परिसर में पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार भी किसानों के साथ मौजूद रहीं। मंगलवार को धरना स्थल पर आक्रोशित किसानों ने गन्ना मंत्री का पुतला फूंका। मंगलवार को एसडीएम उदित पवार, तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह और सीओ नीलेश मिश्र धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाया।
तीन महीने में पूरा भुगतान कराने का लिखित आश्वासन भी दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। लिखित आश्वासन में मूलधन के साथ ही बकाया दिलाने की बात भी कही गई है। तय समय में गन्ना मूल्य न मिलने पर फिर से धरना देने की चेतावनी दी।
वर्जन :
29 दिसंबर को नीलामी की तिथि तय है। नीलामी के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। किसानों का पूरा भुगतान हर हाल में कराया जाएगा। - उदित पवार एसडीएम नवाबगंज
समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजगी
सिरौली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) की मीटिंग में मंगलवार को किसानों की समस्याओं को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया। यूनियन के जिला महासचिव सलीम मलिक के आवास पर हुई बैठक में प्रदेश महासचिव शिशुपाल सिंह एवं यूनियन के अन्य सदस्यों ने तहसील स्तर पर किसानों के लंबित कार्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा किसानों की उपेक्षा पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसानों की मांगों को लेकर अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इस मौके पर महाराज सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संवाद