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Bareilly News: बीडीए के रडार पर सरगना और गुर्गों की संपत्ति

Tue, 25 Jun 2024 06:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। पीलीभीत बाइपास पर शनिवार को हुए बवाल और शासन की सख्ती के बाद संबंधित सभी विभाग अपने-अपने स्तर से जांच में जुट गए हैं। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के अलावा बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) की भूमिका सबसे अहम है। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर बवालियों की संपत्तियां खंगाली जा रही हैं।
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बवाल के मुख्य आरोपी राजीव राणा और आदित्य उपाध्याय की संपत्तियों पर बीडीए की नजर है। जांच तो कई बिंदुओं पर चल रही है, मगर दो होटल और दो मकान निशाने पर आ गए हैं। इन्हीं होटलों व मकानों में राजीव राणा गुट के बदमाशों की शराब पार्टी और रुकने का इंतजाम होता था। बीडीए के अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। वहीं, सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के सरगना सहित उनके गुर्गों, रिश्तेदारों और मित्रों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की भी जांच बीडीए की ओर से की जा रही है।


बेनामी संपत्तियों पर भी कसेगा शिकंजाप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिचितों व रिश्तेदारों के नाम दर्ज कई संपत्तियों का संचालन राजीव राणा और आदित्य उपाध्याय ही कर रहे हैं। ऐसे में अब बीडीए उनसे जुड़े लोगों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की भी जांच कर रहा है। लेखपाल भी इस काम में जुट गए हैं। इसमें एक मकान और खेत सामने आया है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। एक पक्ष ने यह संपत्ति अपने परिचित को दिलाई है और उनका संचालन भी खुद ही कर रहा है। वहीं, आरोपियों ने जमीन कब्जा कर कई कॉलोनियां भी बसाई हैं। इन कॉलोनियों को भी बीडीए ने रडार पर ले लिया है।
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इन बिंदुओं पर हो रही जांच

- प्राॅपर्टी बीडीए से स्वीकृत है या नहीं?

- स्वीकृति है तो नक्शे के मुताबिक निर्माण है या नहीं?

- मानकों को पूरा किया गया है या नहीं?

- परिचितों के नाम दर्ज प्राॅपर्टी का संचालन कौन कर रहा है?

- व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग की एनओसी ली गई है या नहीं?
वर्जन
हमारा अभियान चलता ही रहता है। हर एंगल पर जांच चल रही है। किसी भी स्तर पर अवैध निर्माण कराया गया है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर पुलिस विभाग से भी बातचीत की जाएगी। - योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए
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