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Bareilly News: सड़क पर बवाल कर रहे हिस्ट्रीशीटर, कागजी सत्यापन में जुटी पुलिस

Tue, 25 Jun 2024 06:22 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। पीलीभीत बाइपास पर शनिवार को हुए बवाल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अधिकारियों के आदेश पर पुलिस इन दिनों हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी व आपराधिक गिरोहों के सत्यापन का अभियान चला रही है। दूसरी ओर हिस्ट्रीशीटर सड़क पर खुलेआम फायरिंग कर रहे हैं।
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अधिकारियों के आदेश पर 15 से 30 जून तक हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग का अभियान चलाया जा रहा है। इधर, 24 मई से तीन माह तक आपराधिक गिरोहों का भी सत्यापन किया जा रहा है। थानों में इंस्पेक्टरों के कक्ष में लगे बोर्ड पर इस अभियान के बारे में लिखा भी है। पुलिस थानावार अपने-अपने क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटरों के घर जाकर उनके बारे में जानकारी जुटाती है। पता करती है कि कहीं वे आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तो नहीं हैं।
इसी तरह गिरोहों के सत्यापन में सरगना से लेकर गुर्गों तक के बारे में जानकारी जुटाई जाती है। अभियान की बात करें तो इज्जतनगर पुलिस कागजों पर ही गिरोहों का सत्यापन व हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी कर रही थी। शनिवार को हुई घटना में शामिल हिस्ट्रीशीटर कृष्णपाल उर्फ केपी यादव व ललित सक्सेना के यहां कोई नहीं गया। न ही उनके बारे में कोई जानकारी जुटाई गई। नए गिरोहों के खोजबीन का अभियान अगर ठीक से चलाया जाता तो राजीव राणा का नाम सामने आ जाता। शनिवार को राजीव राणा ने केपी यादव के जरिये ही फायरिंग व मारपीट के लिए गुर्गों को बुलाया था, लेकिन पुलिस को किसी के बारे में भनक तक नहीं लग सकी।
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पुलिसकर्मियों का भी था होटल में आना-जाना
राजीव राणा के बताए जा रहे होटल स्टार में इज्जतनगर थाने के पुलिसकर्मियों का भी आना-जाना था। होटल काफी अंदर आड़ में है। चर्चा है कि यहां तमाम अवांछनीय काम होते थे। यहां पुलिसकर्मियों की भी पूरी सेवा होती थी। लिहाजा, पुलिस होटल में चल रही गतिविधियों को देखकर भी नजर अंदाज कर देती थी। राजीव राणा व पुलिसकर्मी एक-दूसरे से बहुत अच्छी तरह से वाकिफ थे। यही कारण है कि घटना वाले दिन राजीव के गुर्गों को पुलिस का कोई भय नहीं था।
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