शाहबाद में मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवाने से हुए बवाल के बाद प्रेमनगर थाने में हुई पंचायत भी बेनतीजा निकली। सीओ सतीश कुमार और एसडीएम सदर अपूर्वा दुबे की मौजूदगी में दोनों समुदाय के लोग थाने में इकट्ठा हुए। तकरीबन एक घंटे चली पंचायत के बाद लाउडस्पीकर लगाने पर सहमति नहीं बन सकी।
पुलिस के सामने हिंदू पक्ष अड़ गया कि मंदिर का लाउडस्पीकर नहीं हटाया जाएगा। यह कोई नई परंपरा नहीं है। सालों से लाउडस्पीकर बजता आ रहा है। वहीं, मुस्लिम पक्ष का कहना था कि लाउडस्पीकर नवरात्र पर लगाया गया था। इसे हटवाया जाना चाहिए। पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों आपस में उलझ गए। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया कि शासन के आदेश हैं कि कोई नई परंपरा नहीं डाली जाएगी। पुलिस के सख्त तेवर देखकर दोनों पक्षों ने आपस में समझौता करके लाउडस्पीकर के विवाद का हल निकालने की बात रखी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौता के लिए एक दिन का वक्त दिया है।
पुलिस टीम घर-घर जाकर लेगी फीडबैक
सीओ प्रथम ने प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर राजेश सिंह को निर्देश दिया कि मंदिर और मस्जिद दोनों धर्मस्थलों के आसपास रहने वालों से लाउडस्पीकर से होने वाली परेशानी का फीडबैक लिया जाएगा। पुलिस डोर टु डोर लोगों से संपर्क करके उनके नाम और मोबाइल नंबरों के साथ राय ली जाएगी। दो दिनों में पुलिस टीम रायशुमारी करके रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि लाउडस्पीकर लगेगा या नहीं।
शांति व्यवस्था बिगाड़ी तो होगी कार्रवाई
सीओ प्रथम ने एहतियातन मंदिर पर पुलिसबल तैनात कर दिया है। वहीं, दोनों पक्षों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बता दें कि गुरुवार शाम को शाहबाद में अग्रसेन धर्मशाला के पीछे मंदिर पर लाउडस्पीकर की एक सुराही उतरवाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवाने की सूचना मिलने पर हिंदू समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मंदिर पर इकट्ठा होने लगे। हंगामा शुरू होने के बाद पुलिस ने लाउडस्पीकर दोबारा लगवा दिया था। हालांकि बजाने पर पाबंदी लगा दी गई थी।