बरेली। रंगालय एकेडमी की ओर से चल रहे थिएटर फेस्ट में नाट्य कला प्रेमियों को समसामयिक व विविधतापूर्ण प्रस्तुतियां देखने को मिल रही हैं। इस कड़ी में सोमवार को दिल्ली के शिवायु ड्रामेटिक आर्ट समूह ने लेखक सुरेंद्र वर्मा की चर्चित रचना ''''मरणोपरांत'''' का नाट्य मंचन किया।
आयुष के निर्देशन में मंचित नाटक एक कॉफी हाउस की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां दो पुरुष अपने-अपने भूतकाल को साझा करते हैं। संवादों के माध्यम से दर्शकों के समक्ष धीरे-धीरे कहानी की परतें खुलती जाती हैं, जिससे यह उजागर होता है कि दोनों पुरुषों के जीवन में एक ही महिला थी। विशेष बात यह है कि वह महिला एक पुरुष की पत्नी थी और दूसरे की प्रेमिका।
ऐसे हालात दर्शकों को अंत में उस मोड़ पर छोड़ते हैं, जहां उन्हें खुद निर्णय करना पड़ता है कि क्या सही है और क्या गलत। फिर भी कह सकते हैं कि नाटक ने दर्शकों को रिश्तों, विश्वास और मानवीय भावनाओं के गूढ़ पहलुओं पर सोचने को मजबूर कर दिया। आयुष चंद्र मौर्य, सिमरनजीत सिंह ने अभिनय किया। पूर्व में कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ डाॅ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, डॉ. विनोद पागरानी और सुभाष कथूरिया की मौजूदगी रही। संवाद