बरेली। थिएटर अड्डा में रंगालय के थिएटर फेस्ट में कारवां भोपाल ने उबैदुल्लाह खान का निर्देशित और जयवर्धन के लिखित नाटक ‘घर का न घाट का’ का मंचन किया गया। नाटक के पात्र अमन का दो पत्नियों के बीच संतुलन बनाने का संघर्ष लगातार बदलती परिस्थितियों को जन्म देता है और यही स्थितियां दर्शकों के मनोरंजन का आधार बनती हैं।
घरेलू रिश्तों की एक ऐसी हास्यपूर्ण कहानी है, जिसमें संतान न होने की स्थिति से शुरू हुआ एक फैसला आगे चलकर पति अमन के लिए मुसीबतों का सिलसिला बन जाता है। अमन की विवशता, दोनों पत्नियों की नोकझोंक और बदलते समीकरण मंच पर हास्य की अनेक स्थितियां पैदा करते हैं, लेकिन इसी हंसी के भीतर वैवाहिक रिश्तों की जटिलता और मानवीय स्वभाव की कई परतें भी दिखाई देती हैं।
इस नाटक में पात्र अमन की भूमिका निर्देशक खुद उबैदुल्ला खान ने निभाई। इसके अलावा अमिता विश्वकर्मा, मंजू रैकवार भी अलग अलग पात्रों मे दिखे। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विनोद पागरानी, पार्षद राजेश अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। बृहस्पतिवार को ड्रामा ड्रॉपआउट, बरेली नाटक ‘जहर’ का मंचन करेगी।