बरेली। शहर के हजियापुर में भी कुत्तों का आतंक है। कूड़े के ढेर पर डटे कुत्तों के झुंड कब हमला कर दें, कुछ कहा नहीं जा सकता। बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंता रहती है। इसके बावजूद नजर निगम कोई सुध नहीं ले रहा।
हजियापुर में घनी आबादी है। कई-कई दिन तक कूढ़े का उठान भी नहीं होता। यही कूड़े के ढेर कुत्तों का ठिकाना बन गए हैं। बाइक सवारों को ये अक्सर दौड़ा लेते हैं। कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं। मोहल्ले के अशफाक, अकबर, विक्की आदि का कहना है कि नगर निगम की टीमें मोहल्ले में कभी कुत्तों को पकड़ने नहीं आतीं।
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आईवीआरआई में भी कुत्तों की वैक्सीन नहीं
बरेली। आईवीआरआई में पॉलीक्लीनिक तो है, लेकिन यहां भी कुत्तों को लगाई जाने वाली वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। नगर निगम की ओर से इनके बधियाकरण की रफ्तार पहले से ही धीमी है। दूसरी ओर नगर निगम भी कुत्तों को वैक्सीन नहीं लगा रहा। पालतू कुत्तों का पंजीकरण न कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शून्य है।
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झुंड में करते हैं हमला, नहीं मिलता संभलने का मौका
हजियापुर में आवारा कुत्तों का आतंक है। ये झुंड में हमला करते हैं तो संभलने का मौका नहीं मिलता। हजियापुर में नगर निगम की टीम भी कुत्तों को पकड़ने नहीं आती।
- अशफाक खान, हजियापुर
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आवारा कुत्ते कुड़े के ढेर को फैलाते रहते हैं। आने-जाने वालों पर अचानक भौंकते हैं। इससे बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। हजियापुर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- अकबर खान, हजियापुर
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कुत्तों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बधियाकरण भी किया जा रहा है। पालतू कुत्तों को लेकर भी लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। उनका पंजीकरण और वैक्सीनेशन भी कराएं।- अदित्य तिवारी, सीवीओ नगर निगम