बरेली। श्रीराम के राजतिलक के साथ ब्रह्मपुरी में चल रही रामलीला का शनिवार को विश्राम हो गया। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जी के स्वरूपों का तिलक किया गया। इस दौरान पंडाल श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हुआ।
कथाव्यास मुनेश्वर के अनुसार लंका विजय के बाद श्रीराम के अयोध्या पहुंचने पर गुरु वशिष्ठ ने उनके राजतिलक की बात कही। इस पर पूरा नगर सजाया गया था। शत्रुघ्न ने पहले से तैयारियां कर रखी थी। रात में नगर में दीपोत्सव मनाया गया। अगले दिन गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम का राजतिलक किया। श्रीराम और सीता रत्नजड़ित सिंहासन पर बैठे। लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न उनके पास खड़े थे। हनुमान जी नीचे बैठ गए। माताओं ने आरती उतारी। सबको उपहार दिए गए। इस बीच माता सीता ने अपना हार हनुमान जी को दिया। धीरे-धीरे सभी अतिथि विदा हो गए। ऋषि-मुनि अपने-अपने आश्रमों में चले गए। हनुमान रामजी की सेवा में ही रहे। अंत में रामलीला कमेटी के प्रवक्ता विशाल मेहरोत्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इनका रहा सहयोग
कमेटी के अध्यक्ष सर्वेश रस्तोगी, उपाध्यक्ष विशाल मेहरोत्रा, लीला प्रमुख विवेक शर्मा, नवीन शर्मा, महामंत्री अंशु सक्सेना, राजू मिश्रा, राजकुमार गुप्ता, नीरज रस्तोगी, पार्षद संजीव रस्तोगी, सुरेश रस्तोगी, महेश पंडित, पंकज मिश्रा, सुनील रस्तोगी, लवलीन कपूर, गौरव सक्सेना, दिनेश दद्दा, अखिलेश अग्रवाल, पंडित सुरेश कटिहा, सत्येंद्र पांडेय, दीपेंद्र वर्मा आदि का सहयोग रहा।